मुंबई : मेट्रो कार शेड के मुद्दे पर अब महाराष्ट्र सरकार और केंद्र सरकार खुलकर आमने सामने आ चुके हैं। शिवसेना सांसद संजय राउत ने ट्वीट कर कहा है कि मेट्रो कार शेड कांजुरमार्ग में ही बनेगा। महाराष्ट्र के विकास में अड़ंगा डालने का जो काम शुरू किया गया है उसे हम साथ मिलकर खत्म कर देंगे। महाराष्ट्र की जमीन के सात बारह पर दिल्ली का नाम किसने लगाया यह सवाल भी संजय राउत ने पूछा है। कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने आरे में बन रहे मेट्रो कार शेड को कांजुरमार्ग में शिफ्ट करने का फैसला किया था। राज्य सरकार ने तब कहा था कि इस प्रोजेक्ट के लिए राज्य सरकार एक भी रुपया नहीं लेगी और यह जगह एमएमआरडीए को दी जाएगी। अब केंद्र सरकार ने इस जगह पर सॉल्ट पैन होने की बात कही है और इसे अपनी जमीन बताया है। केंद्र सरकार अधिकारी संजय कुमार ने इस बाबत पत्र भी भेजा है। उन्होंने पत्र में लिखा है कि कांजुरमार्ग की जगह को एमएमआरडीए को देने का निर्णय रद्द किया जाए यह जगह साल्ट पैन की है। इस जगह पर हमारा अधिकार है। केंद्र सरकार की तरफ से इस जगह पर मेट्रो कार शेड के काम को रोकने का भी आदेश दिया गया था।
महाराष्ट्र सरकार अब मेट्रो कारशेड के मुद्दे पर घिरती हुई नजर आ रही है। एक तरफ महाराष्ट्र सरकार कह रही है कि वह कांजुरमार्ग में मेट्रो कारशेड के लिए जो जमीन उपलब्ध करवा रही है वह पूरी तरह से मुफ्त होगी। लेकिन अब यह बात सामने आ रही है कि इस जमीन पर अभी भी मालिकाना हक भारत सरकार का है और हाल ही में भारत सरकार ने इस जमीन पर अपना बोर्ड भी लगा दिया है। ऐसे में सवाल उठता है कि बिना दस्तावेजों की जांच पड़ताल किए बगैर ही महाराष्ट्र सरकार और मुख्यमंत्री ने मेट्रो कार शेड को आरे से उठाकर कांजुरमार्ग में शिफ्ट करने का फैसला कैसे कर लिया। इस मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी के नेता महाराष्ट्र सरकार पर आक्रमक हो चुके हैं। बीजेपी के पूर्व मंत्री और विधायक आशीष शेलार ने उद्धव ठाकरे को आड़े हाथों लेते हुए उन्हें और उनकी सरकार को अटकाने, भटकाने और लटकाने वाली सरकार करार दिया है।
भारतीय जनता पार्टी के पूर्व सांसद और वरिष्ठ नेता डॉक्टर किरीट सोमैया ने कहा कि महाराष्ट्र के उद्धव ठाकरे सरकार जनता को मूर्ख बना रही है उन्होंने कहा कि मैंने 1 महीने के भीतर तकरीबन 50 आरटीआई विभिन्न कार्यालयों में डाली है लेकिन अभी तक एक का भी जवाब नहीं मिल पाया है। मेट्रो कारशेड प्रोजेक्ट को आरे से शिफ्ट करके कांजुरमार्ग में ले जाने से यह प्रोजेक्ट तकरीबन 5 साल की देरी से पूरा होगा और इस प्रोजेक्ट में 5000 करोड़ रुपए का अतिरिक्त खर्च आएगा। महाराष्ट्र की ठाकरे सरकार जनता से झूठ पर झूठ बोलती जा रही है।





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