पुणे : पुणे-बेंगलुरु हाईवे पर हुए एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। यह दर्दनाक हादसा पुणे के नवले ब्रिज के पास हुआ, जहां दो कंटेनर, एक मिनी बस और तीन से चार कारें आपस में टकरा गईं। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कुछ ही मिनटों में वाहनों में आग लग गई और मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हादसे में अब तक आठ लोगों की जिंदा जलकर मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। घायलों को तत्काल आसपास के ससून हॉस्पिटल और नवले हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। हादसे की सूचना मिलते ही पुणे फायर ब्रिगेड की कई टीमें मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने में जुट गईं। फायर कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद लपटों पर काबू पाया, लेकिन तब तक कई वाहन पूरी तरह जल चुके थे।
ट्रैफिक का दबाव काफी अधिक था। दो कंटेनरों के बीच टक्कर के बाद पीछे से एक बस और तीन-चार कारें आकर भिड़ गईं। टक्कर के बाद वाहनों में जोरदार विस्फोट जैसी आवाज हुई और देखते ही देखते आग की ऊंची-ऊंची लपटें उठने लगीं। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि कुछ लोग अपनी कारों के अंदर ही फंस गए और बाहर निकलने का मौका नहीं मिल पाया। स्थानीय लोगों और राहगीरों ने तत्काल फायर ब्रिगेड को सूचना दी। कुछ लोगों ने अपनी जान जोखिम में डालकर वाहनों में फंसे लोगों को बाहर निकालने की कोशिश भी की। फायर ब्रिगेड ने मौके से आठ शव बरामद किए हैं, लेकिन अधिकारियों को आशंका है कि कुछ और लोग भी जलते वाहनों में फंसे हो सकते हैं।
पुणे पुलिस ने पूरे हाईवे को कुछ घंटों के लिए बंद कर दिया, जिसके चलते पुणे-बेंगलुरु मार्ग पर लंबा जाम लग गया। हादसे के बाद पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी रहीं। पुलिस के अनुसार, ब्रेक फेल या ड्राइवर की लापरवाही हादसे की मुख्य वजह हो सकती है। फिलहाल, तकनीकी जांच की जा रही है ताकि सही कारणों का पता लगाया जा सके। डीसीपी पश्चिम पुणे अजय कादम ने बताया कि प्रारंभिक जांच में दो कंटेनरों के बीच टक्कर के बाद आग लगने की बात सामने आई है। उन्होंने कहा कि “हम यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या किसी वाहन में ज्वलनशील पदार्थ था, जिससे आग तेजी से फैली। फिलहाल मृतकों की पहचान की जा रही है और पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे जाएंगे।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से नवले ब्रिज क्षेत्र में स्पीड कंट्रोल और ट्रैफिक मैनेजमेंट के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि इस इलाके में अक्सर भारी वाहनों के कारण ट्रैफिक जाम और दुर्घटनाएं होती रहती हैं। पुलिस ने कहा है कि राहत कार्य पूरे होने के बाद हाईवे को फिर से सामान्य यातायात के लिए खोला जाएगा। फिलहाल हादसे की जांच के लिए विशेष टीम गठित की गई है, जो वाहनों के तकनीकी निरीक्षण के साथ सीसीटीवी फुटेज भी खंगाल रही है। यह घटना एक बार फिर इस बात की याद दिलाती है कि भारत के राष्ट्रीय राजमार्गों पर सड़क सुरक्षा और वाहन रखरखाव को लेकर सख्त कदम उठाने की जरूरत है, ताकि इस तरह की त्रासदियों को रोका जा सके।





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