मुंबई : समाजवादी पार्टी के नेता अबू आज़मी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में बाबरी मस्जिद के लिए रखी गई आधारशिला का इस्तेमाल राजनीति के लिए या हिंदुओं और मुसलमानों के बीच तनाव पैदा करने के लिए नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति उचित अनुमति लेकर मस्जिद का निर्माण कर सकता है और किसी को भी इस मुद्दे पर लोगों को भड़काना नहीं चाहिए। मुंबई में एएनआई से बात करते हुए अबू आज़मी ने कहा, “अगर कोई अपने पैसे से मस्जिद बनाता है, तो किसी को भड़काने की कोई ज़रूरत नहीं है। इस देश का क़ानून कहता है कि आप इजाज़त लेकर मस्जिद बना सकते हैं। इसे हिंदुओं और मुसलमानों के बीच दरार पैदा करने के लिए राजनीतिक मुद्दे में नहीं बदलना चाहिए।”
इससे पहले आज तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के निलंबित विधायक हुमायूं कबीर ने मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद के निर्माण की आधारशिला रखी । उन्होंने पूजा स्थल बनाने के संवैधानिक अधिकार की ओर ध्यान आकर्षित किया और कहा कि वह कोई भी असंवैधानिक कार्य नहीं कर रहे हैं, “जैसे कोई भी मंदिर या चर्च बना सकता है, वैसे ही मैं भी बना सकता हूं।” सभा को संबोधित करते हुए कबीर ने कहा, “मैं कोई असंवैधानिक काम नहीं कर रहा हूँ। कोई भी मंदिर बना सकता है, कोई भी चर्च बना सकता है; मैं मस्जिद बनाऊँगा। कहा जा रहा है कि हम बाबरी मस्जिद नहीं बना सकते। ऐसा कहीं लिखा नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने एक फैसला दिया था जिसमें कहा गया था कि हिंदू लोगों ने बाबरी मस्जिद को गिराया था। हिंदुओं की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए यहाँ मंदिर बनाने का फैसला लिया गया। अब हम देखते हैं कि कोई सागरदीघी में राम मंदिर की आधारशिला रख रहा है। लेकिन संविधान हमें मस्जिद बनाने की इजाज़त देता है।”
कबीर ने ज़ोर देकर कहा कि क़ानूनी चुनौतियाँ मस्जिद के निर्माण में कोई बाधा नहीं डालेंगी। उन्होंने कहा, “मेरे ख़िलाफ़ पाँच मुक़दमे दायर किए गए हैं, लेकिन जिसके साथ अल्लाह है, उसे कोई नहीं रोक सकता। अदालत ने भी साफ़ कहा है कि भारत के संविधान में लिखा है कि कोई भी मस्जिद बना सकता है; यह एक हक़ है।” उन्होंने अयोध्या में ध्वस्त बाबरी मस्जिद का ज़िक्र करते हुए इसे ऐतिहासिक रूप से विवादास्पद स्थल बताया। उन्होंने कहा, “बंगाल में चार करोड़ मुसलमान हैं। क्या उन्हें बाबरी मस्जिद बनाने का हक़ नहीं है? मुझे धमकियाँ दी गई हैं, जिनमें मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भी शामिल हैं। अगर किसी में हिम्मत है, तो मुर्शिदाबाद आकर दिखाए।” कबीर ने आगे बताया कि मस्जिद के लिए 300 करोड़ का बजट आवंटित किया गया है, जिसमें एक अस्पताल, गेस्टहाउस और मीटिंग हॉल भी शामिल होगा। उन्होंने परियोजना के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा, “यह मुसलमानों का वादा है: बाबरी मस्जिद बनेगी, बनेगी, बनेगी।”





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