मुंबई : मुंबई बीएमसी चुनावों के नतीजे घोषित करने के बाद आयोग ने वोट प्रतिशत का आंकड़ा भी जारी कर दिया है। बीएमसी चुनावों में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी बीजेपी भले ही अपने बूते पर बहुमत पाने में चूक गई लेकिन उसे सबसे ज्यादा वोट मिले हैं। बीजेपी को 2026 बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के चुनावों में 21.58 फीसदी वोट मिले। उसके विजयी कुल 89 उम्मीदवारों को कुल 45.22 फीसदी वोट मिले। 16 जनवरी को घोषित नतीजों में बीजेपी और शिवसेना के महायुति गठगंठन को 118 सीटें हासिल हुई हैं। जो 227 पार्षद वाले बीएमसी में बहुमत के आंकड़े से चार अधिक है। उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना यूबीटी को 27.52 फीसदी वोट मिले, जबकि शिंदे की पार्टी को 10.48 फीसदी वोट मिले। कांग्रेस को 9.31 प्रतिशत वोट मिले। एआईएमआईएम को 2.61 फीसदी और मनसे को 2.87 प्रतिशत मत प्राप्त हुए। समाजवादी पार्टी 0.58, एनसीपी शरद पवार की पार्टी को 0.45 और एनसीपी अजित को 0.95 फीसीद वोट मिले।मुंबई में बीजेपी का वोट शेयर 45.22 फीसदी रहा।
बीजेपी-शिंदे सेना को 118 सीटें
बीएमसी चुनावों में बीजेपी को 89 और एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना को 29 सीटें मिली हैं। ऐसे में महायुति के गठबंधन को 118 सीटें मिली हैं। जो बहुमत के आंकड़े 114 से अधिक है। 227 सीटों वाली बीएमसी में उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना यूबीटी को 65 और उनके चचेरे भाई राज ठाकरे की मनसे को 6 सीटें मिली हैं। कांग्रेस को 24 सीटों पर जीत मिली है। असुदद्दीन ओवैसी की अगुवाई वाली एआईएमआईएम को 8 सीटों पर जीत हासिल हुई है। समाजवादी पार्टी को 2, एनसीपी अजित पवार को 3 और एनसीपी शरद पवार के खाते में एक सीट आई है। 2017 के चुनावों में ओवैसी की पार्टी को दो सीटें मिली थीं।
बीजेपी-शिवसेना और ठाकरे ब्रदर्स में रहा मुकाबला
मुंबई बीएमसी चुनावों में उद्धव ठाकरे ने अपना गढ़ बचाने के लिए सबसे ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ा था। उन्होंने भाई राज ठाकरे की मनसे (महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना) के साथ शरद पवार की अगुवाई वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी को साथ लिया था। बीजेपी ने एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना के साथ चुनाव लड़ा था। कांग्रेस प्रकाश अंबेडकर की अगुवाई वाली वंचित बहुजन आघाड़ी के साथ उतरी थी। बीजेपी ने अंतिम मौके पर केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले की पार्टी को भी साथ लिया था, हालांकि आठवले की पार्टी को कोई सीट नहीं मिली। अजित पवार की अगुवाई वाली एनसीपी अकेले मैदान में उतरी थी। बीएमसी चुनावों में कुल 19 दलों के 1700 कैडिडेट मैदान में उतरे थे। बीएमसी के आखिरी चुनाव 2017 में हुए थे तब बीजेपी उद्धव ठाकरे की शिवसेना से दो सीट पीछे रह गई थी।





Users Today : 2
Users Yesterday : 18
Users Last 7 days : 345
Users Last 30 days : 834
Users This Month : 292
Users This Year : 9242
Total Users : 70449
Views Today : 2
Views Yesterday : 29
Views Last 7 days : 478
Views Last 30 days : 1082
Views This Month : 405
Views This Year : 10442
Total views : 106465
Who's Online : 1


