नवी मुंबई : नवी मुंबई के एकमात्र पर्यटन स्थल गवलीदेव डैम जल्द ही पर्यटकों के लिए उपलब्ध होगा। घनसोली के पास एक पहाड़ पर स्थित गवलीदेव का विकास पिछले कई वर्षों से रुका हुआ था। नवी मुंबई मनपा और वन विभाग ने विशेष पहल करते हुए यहां के लिए एक डेवलपमेंट योजना तैयार करने की बात कही है। कुओं और तालाबों का सौंदर्यीकरण, पर्यटकों के आराम के लिए विशेष कमरे और वन औषधीय पौधों के संरक्षण के कार्य इसमें शामिल होंगे। सांसद राजन विचारे ने मंगलवार को पर्यटन स्थल का दौरा किया और विकास योजना शुरू करने की बात कही।
बता दें कि नवी मुंबई में तीन प्राधिकरण हैं। विभिन्न परियोजनाओं को सफल बनाने के लिए विकासकों को काफी परेशानी झेलनी पड़ती है। पर्यटकों को आकर्षित करने वाला गवलीदेव डैम और सुलाई देवी पहाड़ वन विभाग के नियंत्रण में हैं। नवी मुंबई मनपा प्रशासन ने 2014 में वन विभाग को इस पर्यटन स्थल के विकास के लिए एक करोड़ रुपये का फंड दिया था। हालांकि तकनीकी कठिनाइयों के कारण इसे खर्च नहीं किया जा सका। कई साल से इस पर्यटन क्षेत्र के विकास का कार्य प्रलंबित था। गवली देव और सुलाई देवी पहाड़ को नवी मुंबई के महाबलेश्वर के रूप में जाना जाता है। बारिश के मौसम में इस जगह में तीन झरने बनते हैं। इस पहाड़ पर अनेक वन औषधीय वनस्पति हैं। उसका संरक्षण करने के लिए विशेष उपाय भी किया जाएगा।
शिवसेना सांसद राजन विचारे ने बताया कि इस संदर्भ में मनपा और वन विभाग के अधिकारियों के साथ कई बैठकें हो चुकी हैं। जल्द ही इसे पर्यटन स्थल के रूप में विकास किया जाएगा। नवी मुंबई के लोगों को भी पर्यटन स्थल मिल सकेगा। विकास कार्य के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। यह योजना एक महीने में तैयार हो जाएगी। उसके बाद गवलीदेव का सौंदर्यीकरण जल्द ही शुरू होगा। उन्होंने मंगलवार को पर्यटन स्थल का दौरा किया। इस दौरान मनपा आयुक्त अभिजीत बांगर, जिलाप्रमुख द्वारकानाथ भोईर, मुख्य वनसंरक्षक नरहरी झुरमुरे, शहर अभियंता सुरेंद्र पाटील, गजेंद्र हिरे, गिरीजा देसाई, नरेंद्र मुठे समेत कई अधिकारी उपस्थित थे।





Users Today : 5
Users Yesterday : 6
Users Last 7 days : 57
Users Last 30 days : 283
Users This Month : 121
Users This Year : 2903
Total Users : 64110
Views Today : 8
Views Yesterday : 11
Views Last 7 days : 86
Views Last 30 days : 382
Views This Month : 162
Views This Year : 3477
Total views : 99500
Who's Online : 0


