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मुंबई के बीएमसी चुनाव में भी चलेगा बिहार पैटर्न: आशीष शेलार

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मुंबई : बिहार विधानसभा चुनाव में भाजपा को जनता का काफी सहयोग मिला है। अब यही पैटर्न मुंबई महानगरपालिका यानी बीएमसी (BMC upcoming election ) के चुनाव में भी आजमाने की तैयारी भाजपा (Maharashtra election ) ने शुरू की है। इस बात का संकेत मुंबई में भाजपा के विधायक और पूर्व मंत्री आशीष शेलार में दिया है। अगर ऐसा हुआ तो शिवसेना के लिए यह खतरे की घंटी है।
भाजपा नेता आशीष शेलार ने बिहार चुनाव के परिणाम बात करते हुए कहा कि अब बीएमसी में भी यही पैटर्न शुरू किया जाएगा। शिवसेना ने कांग्रेस के साथ गठबंधन किया है और महाराष्ट्र में महाविकास अघाड़ी सरकार में शामिल हुई है। शिवसेना का यह कांग्रेस प्रेम बिहार की जनता को रास नहीं आया है। मतदान के जरिए बिहार की जनता ने जवाब भी दिया है। कांग्रेस ने शिवसेना के साथ गठबंधन किया यह बात बिहार की जनता को बिल्कुल भी पसंद नहीं आई है। इस वजह से बिहार में कांग्रेस को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। शेलार ने कहा कि इसी प्रकार बीएमसी के चुनाव में भी मुंबई के नागरिक शिवसेना का साथ छोड़ेंगे।
अशीष शेलर ने बताया कि बीएमसी का चुनाव भारतीय जनता पार्टी मुंबई के अध्यक्ष मंगल प्रभात लोढ़ा के नेतृत्व में लड़ेगी। मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए मौजूदा नेता प्रतिपक्ष देवेंद्र फड़णवीस ने जो भी काम किए हैं। उन कामों के जरिए हम जनता के बीच वोट मांगने के लिए जाएंगे। बीएमसी चुनाव के लिए हमने तैयारियां शुरू कर दी हैं और अब इस चुनाव पर भी (ex cm devendra fadanvis) देवेंद्र फडणवीस का पूरा ध्यान है। हालांकि आशीष शेलार ने बीएमसी चुनाव के लिए भाजपा की रणनीति को आज बताने से इंकार कर दिया। शेलार ने कहा कि बीएमसी चुनाव के बाद आपको परिवर्तन जरूर दिखाई पड़ेगा।
शेलार ने बताया कि बिहार पैटर्न को अमल में लाने का काम देवेंद्र फडणवीस करेंगे। इस चुनाव के लिए भी विशेष रणनीति बनाई जाएगी जिसके तहत बूथ स्तर तक भाजपा के कार्यकर्ता काम करेंगे। विकास के मुद्दों, फड़णवीस सरकार द्वारा किए गए कार्यों और ठाकरे सरकार की विफलता पर पूरा ध्यान केंद्रित करते हुए हम जनता से वोट की अपील करेंगे। बिहार चुनाव में भी फड़णवीस ने इसी रणनीति का इस्तेमाल किया था। अब इसी रणनीति को बीएमसी के चुनावों में भी अपनाया जाएगा। भाजपा में कई नेताओं का सीधा प्रभाव मतदाताओं पर है। जबकि शिवसेना में उद्धव ठाकरे को छोड़कर किसी भी नेता का मतदाताओं से सीधा कनेक्शन नहीं है।