मुंबई : राज्य सरकार द्वारा शर्तों के साथ सामान्य लोगों को लोकल में अनुमति देने की मांग को लगभग 20 दिन हो चुके हैं। इससे पहले महिलाओं को लोकल में अनुमति दी गई थी। रेलवे के एक आला अधिकारी के अनुसार, राज्य सरकार द्वारा दिए गए वर्गीकरण के हिसाब से अब सामान्य लोगों के लिए ट्रेन चलेगी, तो पूरी तरह से चलेगी। अधिकारी ने बताया कि दिल्ली में कोरोना के मामले बढ़ने के कारण थोड़ा ब्रेक लग गया है, लेकिन त्योहार का सीजन अब खत्म होने वाला है और प्रशासन अब 10-12 दिन बाद इसके परिणाम देखकर जल्द फैसला लेगा।
मुंबई में अब रोजाना 2773 लोकल सेवाएं चलाई जा रही हैं, जबकि एक महीने पहले 706 सेवाएं चलती थीं। उस दौरान यात्रियों की संख्या 3-4 लाख रोजाना हुआ करती थी, अब यह आंकड़ा 12 लाख के पार हो चुका है। रेलवे के अनुसार, फिलहाल ट्रेनों में सोशल डिस्टेंसिंग की कोई परेशानी नहीं है लेकिन सामान्य यात्रियों को अनुमति मिलने के बाद वही सबसे बड़ी चुनौती होगी। रेलवे ने बताया कि पिछले एक सप्ताह में लगातार 12 लाख से ज्यादा यात्री सफर कर रहे हैं। रविवार या छुट्टी के दिन भी यही स्थिति रहती है। इसलिए इस बार ब्लॉक रद्द करने पड़े।
मुंबई की लोकल ट्रेनों में आमतौर पर एक तिहाई हिस्सा महिलाओं के लिए आरक्षित होता है। सामान्य हालात में जब लगभग 80 लाख यात्री होते थे, तब महिलाओं की संख्या 20 लाख के करीब होती थी, लेकिन अब महिला यात्रियों की संख्या 5 लाख से ऊपर पहुंच गई। ये आंकड़ा सभी यात्रियों की तुलना में लगभग 45 प्रतिशत है। पिछले महीने लोकल ट्रेनों में महिला यात्रियों को अनुमति मिली। इसके बाद निजी सुरक्षा गार्ड्स को अनुमति दी गई। फिर वकीलों को भी लोकल ट्रेनों में अनुमति दी गई। लेकिन इनमें सबसे ज्यादा भीड़ महिला यात्रियों की दिखाई दे रही है। महिलाओं को लोकल ट्रेनों में सुबह 11 से दोपहर 3 बजे तक और फिर शाम 7 बजे के बाद छूट दी गई है।





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