Home Maharashtra ऑनलाइन भीख ” भिखारी हर महीने कमाते हैं रु. ९६० करोड़!

ऑनलाइन भीख ” भिखारी हर महीने कमाते हैं रु. ९६० करोड़!

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मुंबई : हिंदुस्थान में भीख मांगना वैसे तो गैरकानूनी माना जाता है मगर यह धंधा कुछ लोगों के लिए मुनाफे का कारोबार सिद्ध हो रहा है। ऑनलाइन कारोबार करनेवाली कंपनी फ्लिपकार्ट से भी ज्यादा लाभदायक भीख का कारोबार फल-फूल रहा है। यहां भीख के कारोबारियों का नेटवर्क तेजी से पैâल रहा है। इस नेटवर्क में शामिल भिखारी प्रशिक्षित हैं और उनकी कमाई ऐसी है कि आप दांतों तले उंगली दबा लें।
बता दें कि १ अरब ३० करोड़ से ज्यादा आबादी वाले हिंदुस्थान में लोग दो-चार रुपए भीख में देने में कोताही नहीं बरतते हैं। इस दो-चार रुपए का धंधा देश में लाखों-करोड़ों रुपए का है। एक आंकड़े के मुताबिक हर महीने एक भिखारी २४ हजार रुपए की कमाई करता है। देश में कुल ४ लाख भिखारी हैं। इस लिहाज से भिखारियों की कुल कमाई सालभर में १.२५ अरब डॉलर के आसपास होती है। यह आंकड़ा दुनिया की बड़ी-बड़ी कंपनियों को सोचने पर मजबूर करता है। यहां तक कि हिंदुस्थान में ऑनलाइन कारोबार करने वाली कंपनी फ्लिपकार्ट भी इससे पीछे है। २४ हजार रुपए की दर से देखें तो देश के कुल भिखारियों की आमदनी ९६० करोड़ रुपए के आसपास होती है। पिछली जनगणना की मानें तो देश में तकरीबन ४ लाख भिखारी हैं। यह सरकारी आंकड़ा है, जिसकी सच्चाई कुछ और हो सकती है। इन ४ लाख भिखारियों में सबसे ज्यादा तादाद बंगाल में है, जहां ८१ हजार के आसपास भिखारी हैं। देश में २.२ लाख पुरुष और १.८ लाख के आसपास महिला भिखारी हैं। भिखारियों की सूची में यूपी दूसरे नंबर पर है जहां ६५,८३५ और तीसरे नंबर पर आंध्र प्रदेश का नाम है, जहां २९,७२३ भिखारी हैं। मध्य प्रदेश का नाम इसके बाद आता है जहां २८,६९५ भिखारी हैं। दिल्ली में यह संख्या २,१८७ है। हालांकि एक और रिपोर्ट में दिल्ली में भिखारियों की संख्या ६० हजार और मुंबई में ८० हजार के आसपास बताई जाती है। दिल्ली और मुंबई की बात करें तो दोनों राजधानियों में भीख मांगने के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का प्रावधान है।