मुंबई : बीएमसी प्रशासन और सत्ताधारी शिवसेना एकबार फिर ठेकेदारों पर मेहरबान हुई है। बीएमसी ने प्रॉजेक्ट के लिए -12 प्रतिशत तक टेंडर भरने वाले ठेकेदारों को अतिरिक्त सुरक्षा राशि जमा करने में छूट दे दी है। बीएमसी का कहना है कि कोरोना संकट से सबकी आय पर असर पड़ा है। नए सुधार से बड़े पैमाने पर टेंडर आएंगे।
अतिरिक्त सुरक्षा डिपॉजिट राशि को लेकर जो बदलाव किए गए हैं, उसके मुताबिक सभी ऑनलाइन टेंडर भरने वालों को अब अतिरिक्त डिपॉजिट रकम भरने की जरूरत नहीं होगी। बीएमसी प्रशासन अब टेंडर प्रक्रिया पूरा होने पर जिस ठेकेदार को ठेका मिलेगा, सिर्फ उसी से डिपॉजिट राशि भरवाने का निर्णय लिया है। बीएमसी के मुताबिक इस निर्णय से हर महीने बैंकों जमा होने वाले करोड़ो रुपये पर अंकुश लगेगा। साथ ही, बीएमसी की कमाई भी घटेगी। इससे पहले बीएमसी प्रशासन हॉटेल मालिकों और होर्डिंग व्यवसाइयों को छूट दे चुकी है।
यह पहली बार नहीं है, जब बीएमसी ठेकेदारों पर मेहरबान हुई है। इससे पहले भी कई बार बीएमसी ठेकेदारों को अभयदान दे चुकी है। कुछ साल पहले राज्य सरकार के निर्देश के बावजूद बीएमसी ने मुंबई में सड़क के गड्ढों के लिए जिम्मेदार किसी भी ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट नहीं किया है। गड्ढे भरने में लापरवाही करने वाले दोषी ठेकेदारों पर जुर्माना लगा कर छोड़ दिया था। पिछले साल मॉनसून के दौरान बीएमसी कमिश्नर ने 113 प्रतिशत नाला सफाई का दावा किया था।
इस पर विपक्षी कांग्रेस एवं भाजपा ने सवाल उठाया था। बीएमसी में नेता विपक्ष रवि राजा ने आरोप लगाया था कि कमिश्नर ठेकेदारों को बचाने के लिए ऐसा कह रहे हैं। जबकि भाजपा ने कहा था कि यह नाला सफाई नहीं, बल्कि बीएमसी प्रशासन एवं ठेकेदारों की हाथ सफाई है।
गोराई व मनोरी बीच की सफाई के लिए बीएमसी स्किड स्टिअर लोडर मशीन का इस्तेमाल करेगी। साथ ही, दोनों बीच पर रात में दिखाई देने वाले कचरे के डिब्बे लगाए जाएंगे, जिससे लोग बाहर कचरा न फेंकें। बीएमसी यहां साफ-सफाई का काम करने वाले कर्मचारियों पर नजर रखने के लिए उन्हें एंड्रॉयड घड़ी देगी।
बीएमसी का कहना है कि चौपाटी की साफ-सफाई एवं सौंदर्यीकरण से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। मुंबई में गिरगांव, दादर,माहिम, जुहू, वर्सोवा, अक्सा, मनोरी व गोराई प्रमुख चौपाटी हैं। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग घूमने आते हैं। गोराई व मनोरी में आधुनिक उपकरणों से लैश स्किड स्टिअर लोडर का इस्तेमाल कर साफ-सफाई पर रोजाना करीब 45 हजार 975 रुपये खर्च होंगे।
इसमें प्रतिवर्ष 5 प्रतिशत की वृद्धि होगी। चौपाटी पर कचरे के डिब्बे रात में भी दिखाई दें, इसके लिए सौर ऊर्जा का इस्तेमाल किया जाएगा। स्थायी समिति अध्यक्ष यशवंत जाधव ने कहा कि चौपाटी की साफ-सफाई जरूरी है, क्योंकि वहां देश-विदेश से पर्यटक जाते हैं। हमें उम्मीद है कि यह फैसला कारगर साबित होगा।





Users Today : 3
Users Yesterday : 7
Users Last 7 days : 61
Users Last 30 days : 282
Users This Month : 110
Users This Year : 2892
Total Users : 64099
Views Today : 9
Views Yesterday : 11
Views Last 7 days : 84
Views Last 30 days : 386
Views This Month : 143
Views This Year : 3458
Total views : 99481
Who's Online : 0


