मुंबई : होली व गर्मी की छुट्टियों के लिए गांव जानेवाले उत्तर हिंदुस्थानियों की भीड़ अब बढ़ गई है। मगर रेलवे के टिकट खिड़की पर कन्फर्म टिकट के लिए लोगों को काफी परेशान होना पड़ रहा है। हालत ऐसी है कि वहां तत्काल टिकट भी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। तत्काल टिकट की समस्या इतनी विकट है कि पहले नंबर पर कतार में खड़े होनेवाले लोगों को भी तत्काल टिकट से वंचित होना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि यह रेल टिकट दलालों द्वारा उपयोग किए जा रहे सॉफ्टवेयर के कारण ऐसा हो रहा है।
गौरतलब है कि रेल प्रशासन का विजिलेंस डिपार्टमेंट, आरपीएफ व जीआरपी के लोग समय-समय पर मुंबई व आसपास के इलाकों में अपनी कार्रवाई कर दलालों के पास से नए-नए सॉफ्टवेयर को जब्त कर उन्हें सलाखों के पीछे पहुंचाते रहते हैं। इसके बावजूद प्रशासन की यह कार्रवाई अपूर्ण ही रहती है। दलाल हमेशा नए-नए सॉफ्टवेयर के माध्यम से ओपनिंग डेट व तत्काल टिकट को सबसे पहले झपटने का काम करते रहते हैं, जिसके चलते ओपनिंग व तत्काल के टिकट आम जनता की पहुंच से दूर रहते हैं। उन्हें पहले नंबर पर भी वेटिंग टिकट से संतोष करना पड़ता है। बता दें कि सुबह ८ बजे ओपनिंग के १० बजे एसी तत्काल के और ११ बजे स्लीपर क्लास के तत्काल टिकट उपलब्ध होते हैं। इन्हें पाने के लिए आम जनता रात से ही कतार में खड़ी रहती है। लेकिन उन्हें पहले नंबर पर भी टिकट मिलता नहीं है। वहीं दूसरी तरफ दलाल टिकट पर प्रिंट रुपयों से दोगुना-तिगुना अधिक किराया लेकर आसानी से टिकट दे देते हैं। घाटकोपर, कुर्ला टर्मिनस जैसे रिजर्वेशन काउंटरों पर खड़े कई यात्रियों से जब इस संवाददाता ने बात की तो उनका एक ही कहना था कि दलालों के पास ऐसा कौन सा सॉफ्टवेयर होता है कि उन्हें टिकट आसानी से मिल जाता है और हम पहले नंबर पर भी कंफर्म टिकट से वंचित हो जाते हैं।
इस संबंध में मानखुर्द आरपीएफ चौकी में कार्यरत एक अधिकारी से जब बात की गई तो उस अधिकारी ने नाम ना छापने की शर्त पर इस संवाददाता को बताया कि टिकट दलालों के पास नए-नए सॉफ्टवेयर आते रहते हैं, जबकि रेलवे के पास उपलब्ध सॉफ्टवेयर काफी पुराने हो चुके हैं। जिसके चलते रेलवे के काउंटरों पर जब तक बुकिंग कर्मचारी यात्री के नामों की टायपिंग करते हैं तब तक दलाल कंफर्म टिकट को झपट लेते हैं। जिसके चलते रेलवे के रिजर्वेशन काउंटरों पर पहले नंबर पर खड़े यात्री को कंफर्म टिकट नहीं मिल पाते हैं। इसीलिए उत्तर प्रदेश-बिहार-प.बंगाल की तरफ जानेवाली गाड़ियों के कन्फर्म टिकट मिलना कठिन हो जाते हैं।





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