मुंबई: महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम और एनसीपी नेता अजीत पवार ने शिवसेना के मुखपत्र सामना में गृह मंत्री अनिल देशमुख पर लगाए गए आरोपों की कड़ी निंदा की है. उन्होंने कहा कि राज्य में एनसीपी के कोटा से किसे कौन सा पद मिलेगा, ये शरद पवार तय करते हैं. किसी दूसरे को इस पर सवाल करने का कोई अधिकार नहीं है.
बारामति में आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए पवार ने कहा, ‘महाविकास अघाड़ी तीन पक्षों की सरकार है. इसमें उद्धव ठाकरे शिवसेना की तरफ से फैसला लेते हैं कि किसी मंत्री बनना है, किसे राज्य मंत्री बनना है. इसी तरह कांग्रेस पार्टी की तरफ से सोनिया गांधी फैंसला लेती हैं, और एनसीपी में शरद पवार फैसला लेते हैं. शरद पवार को प्रशासन का लंबा अनुभव है. इसलिए वही फैसला लेते हैं कि किसे मंत्री बनाना है और किसे राज्य मंत्री. इसमें कोई नमक डालने का काम ना करे. इस बारे में सवाल करने का अधिकारी किसी को नहीं है.’
दरअसल, रविवार को संजय राउत ने सामना में प्रकाशित अपने लेख के जरिए महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख पर सवाल खड़े करते पूछा कि निलंबित मुंबई पुलिस अधिकारी सचिन वझे आयुक्तालय में बैठकर वसूली कर रहा था और गृहमंत्री को इस बारे में कोई जानकारी नहीं होगी? सामना में आगे लिखा है, ‘देशमुख को गृह मंत्री का पद दुर्घटनावश मिल गया है. जयंत पाटिल, दिलीप वलसे पाटिल ने गृहमंत्री का पद स्वीकार करने से मना कर दिया था, तब ये पद शरद पवार ने अनिल देशमुख को सौंपा था. इस पद की एक गरिमा और रुतबा है.’
आरोपों पर बोलते हुए गृह मंत्री अनिल देशमुख ने एक बार फिर कहा, ‘जो आरोप मुझ पर पूर्व मुंबई पुलिस कमिश्नर ने लगाए, मैंने उसकी जांच कराने की मांग की थी. मुख्यमंत्री और राज्य शासन ने मुझ पर लगे आरोपों की जांच हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज के द्वारा करने का निर्णय लिया है. जो भी सच है वह सामने आएगा.’





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