मुंबई: मुंबई में कोरोना कहर बन कर टूट रहा है. मंगलवार के आंकड़े ने दिलों में दहशत पैदा कर दी है. मंगलवार को मुंबई में 10 हजार 30 नए कोरोना केस सामने आए और दिन भर में 31 लोगों की मृत्यु हो गई. कोरोना की दूसरी लहर में ये एक दिन का अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है. खुद मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे का पूरा परिवार भी कोरोना संक्रमित हो गया है. उनकी पत्नी रश्मि ठाकरे और आदित्य ठाकरे तो पहले से ही कोरोना संक्रमित थे, मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे भी क्वारंटीन हैं. इसका खुलासा सबसे पहले राज ठाकरे ने मंगलवार सुबह अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया. उन्होंने बताया कि वे कल (सोमवार) मुख्यमंत्री से मिलना चाहते थे, लेकिन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने बताया कि वो क्वारंटीन हैं.
मंगलवार को 7 हजार 19 लोग कोरोना से ठीक भी हुए. फिलहाल मुंबई में 77 हजार 495 मामले सक्रिय हैं. जिन 31 लोगों की मृत्यु हुई है, उनमें से 19 लोग लंबी बीमारी से पीड़ित थे. मृतकों में 20 पुरुष और 11 महिलाएं हैं. एक और चिंता की बात ये है कि मुंबई में कोरोना संक्रमण के दोगुने होने की अवधि 38 दिन हो गई है. ठीक होने वाले मरीजों की दर (रिकवरी रेट) 81 प्रतिशत है. 30 मार्च से 5 अप्रैल तक मुंबई में कुल कोविड वृद्धि दर 1.79 प्रतिशत हो गई है.
खतरे की गंभीरता को देखते हुए मुंबई महानगरपालिका ने कोरोना के खिलाफ लड़ाई में कमर कस ली है और नई गाइडलाइंस जारी कर दी है. अगर किसी इमारत में 5 या उससे अधिक कोरोना संक्रमित लोग पाए गए तो उस इमारत को माइक्रो कंटेंटमेंट जोन घोषित कर दिया जाएगा और ऐसी इमारतों में कोरोना के नियमों का पालन करने की जिम्मेदारी संबंधित सोसाइटी की होगी. नियम तोड़े जाने पर सोसाइटी को दंड का भुगतान करना पड़ेगा.
जिन सोसाइटियों में कोरोना संक्रमित पाए जाएंगे उन सोसाइटियों में बीएमसी की तरफ माइक्रो कंटेंटमेंट जोन का बोर्ड लगा दिया जाएगा. अगर संबंधित इमारतों में नियमों की अनदेखी की गई या उन्हें तोड़ा गया तो ऐसी इमारतों को 10 हजार रुपए का दंड भुगतान करना पड़ेगा. बार-बार नियम तोड़ने पर दंड की रकम बढ़ कर 20 हजार रुपए हो जाएगी. इसलिए इमारतों की सोसाइटियों की जिम्मेदारी बढ़ गई है. सोसाइटियों की वर्किंग कमिटी के मेंबरों को सतर्क रहना होगा. इसके अलावा जिन-जिन सोसाइटियों को माइक्रो कंटेंटमेंट जोन घोषित किया जाएगा वहां एक-एक पुलिस कर्मचारी भी तैनात किया जाएगा.
बीएमसी ने चौपाटियों और समुद्री किनारों को 30 अप्रैल तक पूरी तरह से बंद करने का निर्णय किया है. निजी क्लिनिक और अस्पतालों में बिना लक्षण वाले रोगियों का एंटिजेन टेस्ट नहीं किया जाएगा. लक्षण वाले रोगियों का एंटिजेन टेस्ट करके उसकी रिपोर्ट ICMR गाइडलाइंस के अनुसार प्रशासन को बताना पड़ेगा. लक्षण पाए जाने पर रोगियों को अस्पताल में तुरंत एडमिट किया जाएगा. अगर बेड खाली नहीं हों तो वॉर्ड वॉर रूम के माध्यम से करीबी केंद्रों में उन्हें दाखिल किया जाएगा.





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