Home Crime हंगामे के बाद मनपा को मिले ९९,००० कोरोना के टीके

हंगामे के बाद मनपा को मिले ९९,००० कोरोना के टीके

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मुंबई, दो दिन मुंबई में कोरोना टीका की अनुपलब्धता को लेकर समस्या का सामना कर रही मनपा को अंतत: राहत मिली है। मनपा को शनिवार सुबह ६ बजे केंद्र की ओर से भेजी गई ९९ हजार कोरोना टीका की खेप प्राप्त हुई। अब रविवार से पुन: कोरोना केंद्रों पर टीकाकरण प्रक्रिया शुरू की जाएगी। सरकारी और निजी कोरोना टीकाकरण केंद्रों पर लोग सुबह ९ बजे से शाम ५ बजे तक टीका ले सकते हैं।
उल्लेखनीय है कि कोरोना टीका की अनुपलब्धता के चलते शुक्रवार देर रात तक ७१ कोरोना टीकाकरण केंद्र बंद हो गए थे, वहीं शनिवार को मात्र गिने चुने टीकाकरण केंद्रों पर ही सीमित संख्या में टीका दिया गया लेकिन शनिवार सुबह मनपा के पास कोरोना टीका की खेप पहुंच गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार कोरोना महामारी के खिलाफ टीकों की कमी को लेकर जारी हंगामे के बीच ९९,००० कोविशील्ड खुराक मनपा को प्राप्त हुई। इस बात की पुष्टि करते हुए अधिकारियों ने कहा कि रविवार से पुन: लोगों को कोरोना टीका देने की प्रक्रिया शुरू होगी। एक अधिकारी ने बताया कि ये खेप के अलावा कोविशील्ड टीका की और खेप आनेवाली है। फिलहाल जो खेप आई है, वह पर्याप्त नहीं है। यह ज्यादा से ज्यादा दो दिनों की खेप है।
बता दें कि पिछले दो दिनों से मुंबई सहित राज्य में कोरोना टीका की खेप कम होने के साथ ही जमकर हंगामा हुआ। राज्य सरकार ने केंद्र पर तंज भी कसे, जिसके बाद सकते में आई केंद्र सरकार ने आनन-फानन में कोरोना टीका की खेप मुंबई पहुंचाई है।
मोदी सरकार ने वैक्सीन ही नहीं बल्कि चिकित्सकीय संसाधन देने में भी महाराष्ट्र के साथ अन्याय किया है। यह आरोप कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वी चव्हाण ने लगाया है। संसद में केंद्र सरकार द्वारा दी गई जानकारी का हवाला देते हुए चव्हाण ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार ने अन्य राज्यों की तुलना में महाराष्ट्र को कम मेडिकल संसाधन दिए हैं। चव्हाण के अनुसार सभी राज्यों को एन ९५ मास्क, पीपीई किट और वेंटिलेटर दिए गए। किस राज्य को कितने एक दिन में दिए गए, इसकी जानकारी सदन में १० फरवरी २०२१ को केंद्र सरकार ने दी थी। चव्हाण ने आरोप लगाया कि भाजपा शासित राज्यों को छोड़कर अन्य राज्यों के साथ भेदभाव किया जा रहा है। केरल को महाराष्ट्र से भी कम मेडिकल संसाधन दिए गए हैं। देश में सबसे ज्यादा कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या महाराष्ट्र में है लेकिन महाराष्ट्र के साथ लगातार भेदभाव किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश और गुजरात सहित भाजपा शासित राज्यों को ज्यादा मेडिकल संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं।