Home Crime धारावी में कोरोना खत्म होने के कगार पर

धारावी में कोरोना खत्म होने के कगार पर

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मुंबई, एशिया की सबसे बड़ी झोपड़पट्टी धारावी में दूसरी लहर में भी कोरोना धराशायी होता जा रहा है। कोरोना के नए मरीजों की संख्या दिन-ब-दिन कम होते जा रही है तो ठीक होनेवाले मरीजों का आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा है। नतीजतन अब कोरोना धारावी से खत्म होने के कगार पर पहुंच गया है। धारावी झोपड़पट्टी क्षेत्र में मात्र ७२ एक्टिव मरीज बचे हैं जबकि एक महीना पहले यही आंकड़ा १,०५० से अधिक था।
मनपा आयुक्त इकबाल सिंह चहल की अगुवाई वाली टीम के साथ जी नॉर्थ वॉर्ड अधिकारी किरण दिघावकर ने धारावी में कोरोना नियंत्रण के लिए जमकर मेहनत की। परिणाम भी थोड़े दिनों में दिखने लगा। मंगलवार को दूसरी बार धारावी में ७ मरीज पाए गए हैं तो लगभग दोगुना मरीज रोजाना ठीक हो रहे हैं। ठीक एक महीने पहले अप्रैल २५ तारीख को यहां कोरोना को लेकर हालात गंभीर थे, तब धारावी में ३७ मरीज, दादर में ५० और माहिम में ४८ मरीज मिले थे। इनमें ठीक होनेवाले मरीजों की संख्या भी बहुत कम थी।
जी नॉर्थ वॉर्ड के अंतर्गत आनेवाले धारावी के साथ दादर और माहिम में भी कोरोना कंट्रोल में काफी सुधार देखने को मिला है। इस बारे में जी नॉर्थ वॉर्ड के अधिकारी किरण दिघावकर ने बताया कि लोगों को सचेत कर कोरोना नियमों का सख्ती से पालन और जनजागृति कर कोरोना कंट्रोल में सफलता मिली है। इसका श्रेय पूरी टीम को जाता है।
मनपा की ओर से जारी रिपोर्ट में एक दिन में धारावी में मात्र ७ मरीज मिले हैं तो दादर में १५ और माहिम में १४ मरीज मिले। दादर में २२५ और माहिम में २६४ एक्टिव मरीज बचे हैं। धारावी में अब तक कुल ६,७९५ मरीज मिले और ६,३६९ मरीज ठीक होकर घर गए हैं। दादर में ९,३७० मरीज मिले हैं, जिसमें से ८,९६३ मरीज ठीक होकर घर गए और माहिम में उसी प्रकार ९,६५५ मरीज मिले तो ९,१९१ मरीज ठीक होकर घर गए।
बता दें कि धारावी क्षेत्र में डेढ़ लाख से अधिक झोपड़े हैं और यहां की आबादी लगभग १७ लाख है। हालांकि कोरोना संक्रमण को देखते हुए बड़ी संख्या में मजदूर वर्ग अपने वतन लौट गए हैं। नतीजतन मौजूदा समय में वहां आबादी कम है।