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फर्जी आई-कार्ड पर लोकल ट्रेन में यात्रा, पकड़ाए 2725 से ज्यादा मामले-13.65 लाख वसूला जुर्माना

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मुंबई : कोरोना की दूसरी लहर शांत हो रही है। मुंबई और उपनगरों में अनलॉक के बीच फर्जी आईडी बना कर यात्रा करने वालों की संख्या भी बढ़ रही है। पिछली अप्रैल से ही राज्य सरकार ने लोकल ट्रेन में सिर्फ अत्यावश्यक कर्मचारियों को ही यात्रा की इजाजत दी है। कोरोनाका कहर काफी कम होने पर फिर लोग काम धंधे के लिए बाहर निकलने लगे हैं। इसके चलते मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेनों में अवैध यात्री भी बढ़ रहे हैं। मध्य रेलवे पर फर्जी आईडी या विदाउट टिकट यात्रियों की संख्या बढ़ी है। बताया गया है कि गत 45-46 दिनों में 2725 से ज्यादा लोग फर्जी आईकार्ड के जरिए मध्य रेल की लोकल में यात्रा करते पकड़े गए हैं। इस तरह रोजाना औसतन 65 से 70 लोग फर्जी आईडी के साथ यात्रा करते पकड़े जा रहे हैं। इन फर्जी आईकार्ड वालो से डीएमए कानून का उलंघन करने की एवज में 13 लाख 65 हजार से ज्यादा की राशि दंड के रूप में वसूल की गई है।
बताया गया कि निजी अस्पतालों, सुरक्षा एवं दवा एजेंसियों, यहां तक की सरकारी कार्यालयों का नकली आईकार्ड बना कर लोग लोकल में यात्रा कर रहे हैं। पश्चिम रेलवे की लोकल में भी फर्जी आईडी के साथ यात्रा करने वाले लोग पकड़े जा रहें हैं। बताया गया कि कुर्ला, मानखुर्द, मीरारोड, वसई, मुंब्रा, उल्हासनगर और मुंबई में कुछ स्थानों पर 500 रुपए लेकर फर्जी आईकार्ड बना दिए जाते हैं
मुंबई में कुछ शर्तों के साथ अनलॉक की स्थिति में बड़ी संख्या में लोग काम धंधे के लिए बाहर निकल रहे हैं। ऐसे में लोकल ही उनके लिए यात्रा का एकमात्र सस्ता और सुलभ विकल्प है। इसलिए बड़ी संख्या में लोग विदाउट या फर्जी आईडी के सहारे यात्रा करने के लिए मजबूर हो गए हैं। मार्केटिंग एजेंसी में काम करने वाले ठाणे के युवक ने बताया कि उन्हें रोज मुंबई डयूटी पर जाना पड़ता है। लोकल में अवैध रूप से यात्रा करने के अलावा कोई चारा नहीं है। बड़ी संख्या में लोगों की दुकानें, प्रतिष्ठान आदि कामकाज मुंबई में खुल गए हैं और वे उपनगरों में रहते हैं। इसलिए आम लोगों की निर्भरता लोकल पर ही है। मुंबई व उपनगरों में आवाजाही शुरू होने के बाद सभी के लिए लोकल खोलने की मांग हो रही है। यात्री सेवा सुविधा संगठन के अध्यक्ष पारस नाथ तिवारी ने कहा कि आम लोगों के लिए लोकल खोलने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। सड़क मार्ग से यातायात मुश्किल है।