मुंबई, पीएनबी बैंक घोटाले का प्रमुख आरोपी भगोड़ा नीरव मोदी भारत प्रत्यर्पित होने से बचने के लिए तरह-तरह के बहाने बना रहा है। भारत आने से बचने को वह अब बीमारी से लेकर कोरोना तक की पैंतरेबाजी करने लगा है। नीरव मोदी के प्रत्यर्पण मामले में बुधवार को उसके वकीलों ने लंदन में हाईकोर्ट से कहा कि मुंबई की आर्थर रोड जेल में कोविड-19 के व्यापक असर के कारण उसके आत्महत्या करने की आशंका बढ़ जाएगी। भारत प्रत्यर्पित किये जाने के बाद नीरव को इसी जेल में रखे जाने की संभावना है।
न्यायमूर्ति मार्टिन चेंबरलेन ने प्रत्यर्पण के खिलाफ याचिका पर सुनवाई करते हुए अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। आगे की सुनवाई में फैसला होगा कि पूर्व में जिला न्यायाधीश सैम गूज द्वारा प्रत्यर्पण के आदेश और अप्रैल में ब्रिटेन की गृह मंत्री प्रीति पटेल द्वारा इसे मंजूरी दिए के खिलाफ लंदन में उच्च न्यायालय में इस पर पूर्ण सुनवाई करने की आवश्यकता है या नहीं। पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) से दो अरब डॉलर की धोखाधड़ी के मामले में नीरव (50) वांछित है। दक्षिण-पश्चिम लंदन में वेंटवर्थ जेल में कैद नीरव डिजिटल तरीके से सुनवाई में शामिल हुआ।
भारतीय प्राधिकारों की तरफ से क्राउन पॉसक्यूशन सर्विस (सीपीएस) की वकील हेलेन मैलकम ने अपील का विरोध करते हुए कहा कि नीरव की मानसिक स्थिति पर कोई विवाद नहीं है और भारत सरकार से आश्वासन मिला है कि जरूरत हुई तो मुंबई में उसकी समुचित चिकित्सकीय देखभाल होगी। उन्होंने कहा, ‘राजनयिक स्तर पर इस तरह के आश्वासन का कभी उल्लंघन नहीं होता है। ब्रिटेन की गृह मंत्री की तरफ से पेश वकील ने भी यही दलील दी।’





Users Today : 3
Users Yesterday : 7
Users Last 7 days : 61
Users Last 30 days : 282
Users This Month : 110
Users This Year : 2892
Total Users : 64099
Views Today : 9
Views Yesterday : 11
Views Last 7 days : 84
Views Last 30 days : 386
Views This Month : 143
Views This Year : 3458
Total views : 99481
Who's Online : 0


