मुंबई, भारत के पहले स्वदेश निर्मित विमानवाहक जंगी जहाज ‘विक्रांत’ का कल से अरब सागर में परीक्षण शुरू हो गया। वर्ष १९७१ के युद्ध में पाकिस्तान के दांत खट्टे करनेवाले युद्धपोत ‘विक्रांत’ का यह पुनर्जन्म माना जा रहा है। यह देश में निर्मित सबसे बड़ा और जटिल युद्धपोत है, इसका वजन ४० हजार टन है।
भारतीय नौसेना ने इसे देश के लिए गौरवान्वित करनेवाला और ऐतिहासिक दिन बताया है। विक्रांत सबसे बड़ा स्वदेशी विमानवाहक पोत देश में बनाया गया है। इसका वजन लगभग ४० हजार टन है। यह पोत एक तरह से तैरता हुआ शहर है। इसका आधार क्षेत्र विमान के संचालन के लिए दो फुटबॉल मैदानों के संयुक्त क्षेत्र के बराबर है। इस युद्धपोत के साथ भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है, जिनके पास विशिष्ट क्षमतावाला स्वदेशी रूप से डिजाइन किया, निर्मित और एकीकृत अत्याधुनिक विमानवाहक पोत है।
भारत के सबसे विमानवाहक पोत विक्रांत को भारतीय नौसेना के कोचीन शिपयार्ड में पूरी तरह से स्वदेशी तरीके से बनाया गया है। भारतीय नौसेना के प्रवक्ता कमांडर विवेक मधवाल ने बताया कि स्वदेशी विमानवाहक पोत के डिजाइन और निर्माण की सफलता देश के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। इसके नामवाले एक जहाज ने ५० साल पहले १९७१ के युद्ध में अहम भूमिका निभायी थी। इस विमानवाहक जहाज को अगले साल के उत्तरार्द्ध में भारतीय नौसेना में शामिल किए जाने की संभावना है।





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