मुंबई, कहते हैं एक स्त्री अपना बिस्तर यानी पति अथवा प्रेमी का बंटवारा कभी भी पसंद नहीं करती है। इसी तरह से एक पुरुष भी ये कभी बर्दाश्त नहीं कर सकता कि उसकी पत्नी या प्रेमिका का किसी गैर मर्द से किसी भी तरह का संबंध हो। यही वजह है कि विवाहेत्तर संबंधों में बेवफाई अक्सर कई लोगों के मौत की वजह बन जाती है। सोचिए तब क्या होगा, जब कोई किसी से उसकी पत्नी या प्रेमिका के साथ एक रात गुजारने देने की मोहलत मांग ले। ऐसी नाजायज मांग करनेवाले को निश्चित तौर पर इसकी कीमत चुकानी होगी। दो साल पहले ऐसा ही हुआ था। एक मालिक ने अपने नौकर से मांग की थी कि वह (नौकर) उसे अपनी गर्लप्रâेंड के साथ एक रात गुजारने का मौका दे दे। इसकी कीमत मालिक को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी थी।
कहते हैं गरीब की जोरू पूरे गांव की भौजाई होती है और जब कोई गरीब किसी के यहां हरवाही (मजदूरी) करता है तो मालिक उसे अपना गुलाम समझता ही है। कई बार वह उस गरीब नौकर की बीवी को भी अपनी जागीर समझने की भूल कर बैठता है। दो साल पहले कोरबा के परशुराम नगर में ठेकेदार रामबाबू शर्मा की हत्या का एक ऐसा ही मामला सामने आया था। रामबाबू की हत्या उन्हीं के ड्राइवर नारायण यादव ने की थी। हत्या के बाद नारायण, रामबाबू की गाड़ी भी लेकर भाग गया था। दो साल बाद रामबाबू की हत्या का वह सनसनीखेज मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। जिला अदालत ने रामबाबू की हत्या के मामले में नारायण को आजीवन कारावास की सजा के साथ ही जुर्माना भी लगाया है। रामबाबू की कार और अन्य सामान चुराने के लिए नारायण को ५ साल की सजा अलग से मिली है।
मानिकपुर पुलिस थाना अंतर्गत आनेवाले परशुराम नगर निवासी ठेकेदार रामबाबू शर्मा के यहां नारायण यादव ड्राइवर का काम करता था। यह घटना २४ सितंबर, २०१९ की है। उस रात रामबाबू ने नारायण के मोबाइल में उसकी गर्लप्रâेंड की तस्वीर देख ली। रामबाबू ने नारायण से मांग की कि वह अपनी गर्लप्रâेंड के साथ उसे एक रात बिताने का मौका दे। रामबाबू की ये नाजायज मांग नारायण को नागवार लगी। तैश में आकर नारायण ने रामबाबू पर आलू छीलनेवाले छिलनी से हमला कर दिया। नारायण ने रामबाबू के शरीर पर कई वार किए। उसी दौरान संवेदनशील अंगों पर लगे कुछ जख्म रामबाबू की मौत की वजह बन गए।
गुस्से में नारायण ने रामबाबू की हत्या तो कर दी थी लेकिन बाद में वह डर गया। हत्या करने के बाद वह रामबाबू की गाड़ी, एटीएम और अन्य सामान लेकर वहां से भाग निकला। लेकिन बदहवासी में गाड़ी चलाने के दौरान बिलासपुर-रायपुर के बीच उस गाड़ी का एक्सीडेंट हो गया, जिसके बाद पुलिस ने नारायण को हिरासत में ले लिया। पूछताछ में नारायण ने गर्लप्रâेंड की तस्वीर से शुरू हुई रामबाबू की हत्या और खुद के हादसाग्रस्त होने की पूरी कहानी पुलिस को सुना दी। इसके बाद नारायण को मानिकपुर पुलिस को सौंप दिया गया। पुलिस ने हत्या के इस अजीबोगरीब मामले को विधि सम्मत ढंग से कोर्ट में प्रमाणित किया, जिस पर नारायण को आजीवन कारावास की सजा दी गई।





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