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गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड सिग्नल फ्री यात्रा!

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मुंबई, पश्चिमी और पूर्वी उपनगर को जोड़ने वाली जोगेश्वरी विक्रोली लिंक रोड पर वाहनों की बढ़ती संख्या से ट्रैफिक जाम की समस्या उत्पन्न हो रही है। इससे लोगों की परेशानी बढ़ गई है। इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए मनपा एक नया विकल्प तैयार कर रही है। इसके तहत बोरीवली, दहिसर, गोरेगांव की ट्रैफिक को सीधे मुलुंड, भांडुप, ऐरोली सहित नई मुंबई से जोड़ने के लिए गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड पर काम शुरू है। इस लिंक रोड का काम पूरा होने पर एक तरफ जहां जोगेश्वरी-विक्रोली लिंक रोड से ट्रैफिक का बोझ कम हो जाएगा तो वहीं पश्चिमी उपनगर से पूर्वीय उपनगर होते हुए नई मुंबई के लिए लोगों की यात्रा सहज और सुकून भरी हो जाएगी। इस रोड के बन जाने से ट्रैफिक में कई घंटे वक्त जाया करने वाले मुंबईकर मात्र २० मिनट में बोरीवली, मालाड, गोरेगांव से मुलुंड और ऐरोली नाके तक पहुंच जाएंगे।
मुंबई मनपा गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड के निर्माण काम को तेजी से अंजाम देने में जुटी है। लगभग १,५०० करोड़ रुपए लागत वाली १६ किमी लंबी यह परियोजना गोरेगांव से होकर संजय गांधी नेशनल पार्क के जंगलों में सुरंग से होकर गुजरेगी। बहुत ही अद्भुत अनुभव इस मार्ग से गुजरने वालों को होगा। जंगलों में से गुजरते वक्त जानवरों को खेलते-कूदते देखने के साथ तरह-तरह की प्रजाति के हरे-भरे वृक्षों और प्रकृति का लुत्फ लोग ले सकेंगे।
आगे जाकर यह नई मुंबई के एरोली से जुड़ेगा। यहां ऐरोली, पूर्वी महानगर, ठाणे से सीधे पश्चिमी उपनगर में भारी संख्या में लोग आएंगे। आने वालों से ओबेरॉय मॉल जंक्शन के पास हाइवे पर ट्रैफिक बढ़ने की संभावना है। नतीजतन मनपा ने ओबेरॉय मॉल के पास हाइवे पर सबवे के विकल्प को चुना है। इस सबवे की लंबाई कुल ६६० मीटर होगी और इसे दो लेन का बनाया जाएगा। इससे दोनों तरफ से भारीr वाहन आसानी से आ जा सकेंगे।
ऐरोली से लेकर गोरेगांव तक इस लिंक रोड परियोजना में चार फ्लाईओवर प्रस्तावित हैं। इस पर काम भी शुरू है। दिंडोशी कोर्ट से फिल्मसिटी तक १.२६ किमी लंबा फ्लाईओवर, तानसा-नाहूर के बीच १.८ किमी लंबा, भांडुप के खिंडापाड़ा में ०.२४ किमी लंबा और पूर्वीय महामार्ग को पार करने वाला चौथा पुल १.३ किमी लंबा होगा।
इस परियोजना में संजय गांधी नेशनल पार्क में पहाड़ों के बीच से दोनों तरफ के लिए सुरंग बनेगी। दोनों की लंबाई लगभग ४.८ किमी होगी। इसके लिए टेंडर आमंत्रित किया गया है। कोरोना काल के चलते इस परियोजना का काम थोड़ा प्रभावित हुआ है। लेकिन मनपा अधिकारियों के अनुसार तेज गति से काम कर इस परियोजना के निर्माण कार्य को रफ्तार दी जाएगी।
एक अधिकारी ने कहा कि पश्चिम एक्सप्रेस हाइवे के पूर्वी और पश्चिमी तरफ के वाहन चालकों की आवाजाही को सरल बनाने के लिए यह परियोजना कारगर साबित होगी। इसका निर्माण तीन चरण में हो रहा है। पहले चरण में यहां मार्ग में आने वाली सड़कों का चौड़ीकरण, दूसरे में इस मार्ग के बीच चार पुल बनाने और तीसरे में संजय गांधी नेशनल पार्क के भीतर पहाड़ों के बीच सुरंग बनाने का काम होगा।