Home Crime परफ्यूम बनाने में उल्टी का उपयोग, आरोपी गिरफ्तार

परफ्यूम बनाने में उल्टी का उपयोग, आरोपी गिरफ्तार

36
0

मुंबई, व्हेल मछली की उल्टी से लोगों के करोड़पति होने की खबरें सुनी होंगी, लेकिन अब हिंदुस्थान में इसे लेकर चौंकानेवाला मामला सामने आया है। मुंबई पुलिस ने अवैध रूप से व्हेल मछली की उल्टी को (एंबरग्रीस) टिपिन बॉक्स के एक बैग में तस्करी करनेवाले आरोपी को गिरफ्तार किया है। उसके पास से पांच किलो ६५ ग्राम व्हेल मछली की उल्टी बरामद की गई है। उसकी कीमत करीब ६ करोड़ रुपए है। इसके साथ ही कुछ और सामग्री जप्त की गई है। ये तस्करी एक गिरोह द्वारा की जा रही है, जिसकी पुलिस छानबीन कर रही है।
जोन-१२ डीसीपी सोमनाथ घार्गे ने बताया कि एंबरग्रीस एक महंगा पदार्थ है, जिसका उपयोग परफ्यूम बनाने में किया जाता है। यह हिंदुस्थान में बिक्री के लिए प्रतिबंधित है क्योंकि शुक्राणु व्हेल वन्यजीव संरक्षण अधिनियम १९७२ के तहत एक संरक्षित प्रजाति है। आरे पुलिस स्टेशन को मुखबिरों से सूचना मिली कि आरे मार्वेâट में एक गिरोह व्हेल मछली की उल्टी बेचने आ रहा है। सूचना के आधार पर एक ३६ वर्षीय संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लेकर जांच-पड़ताल करने के बाद उसे गिरफ्तार किया गया। आरोपी माझल गांव पेण का निवासी है।
इससे पहले मुंबई क्राइम ब्रांच ने जून महीने में व्हेल की उल्टी की तस्करी करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने तस्करों के पास से सात करोड़ ७५ लाख रुपए कीमत की स्पर्म व्हेल की उल्टी भी बरामद की है। इसी महीने में ठाणे से दो करोड़ रुपए से अधिक की दुर्लभ व्हेल ‘एंबरग्रीस’ बेचने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनके पास से २ करोड़ रुपए से अधिक मूल्य की व्हेल एंबरग्रीस जप्त की गई है।
विशेषज्ञों ने इसे एंबरग्रीस के रूप में पहचाना, शुक्राणु व्हेल के पेट के अंदर बननेवाला एक मोमी पदार्थ है, जो विशाल स्क्विड का शिकार करता है और खाता है। इस खेप की कीमत २ करोड़ रुपए आंकी गई थी। व्हेल की उल्टी को समुद्र का खजाना माना जाता है। इसकी कीमत सोने से भी कहीं ज्यादा बताई जाती है। इसके पीछे का कारण ये है कि इसमें एक बिना गंध का एल्कोहॉल मौजूद होता है, जिसका इस्तेमाल परफ्यूम की सुगंध को लंबे वक्त तक बरकरार रखने के लिए किया जाता है।