मुंबई, द्विमासिक मौद्रिक नीति पेश करते हुए शक्तिकांत दास ने एक बड़ी जानकारी दी है, जिसका सीधा असर डिजिटल तरीके से पेमेंट करनेवाले लोगों के ऊपर होगा। दास ने इन ऐप्स का प्रयोग करनेवालों से चार्ज वसूलने की खातिर नए नियम लागू करने के लिए टीम गठित करने का प्लान बनाया है। इस खबर के आने के बाद अब जनता डरने लगी है कि `डिजिटल इंडिया’ के आका कहीं उनकी जेब पर डाका डालने की तैयारी में तो नहीं हैं।
शक्तिकांत दास ने हाल ही में चौथी द्विमासिक मौद्रिक नीति को पेश किया। इस दौरान उन्होंने बताया कि आरबीआई आनेवाले समय में हिंदुस्थान में हो रही डिजिटल भुगतान पर शुल्क वसूलने के लिए एक चर्चा पत्र जारी करेगा। इस कारण आनेवाले समय में देश के नागरिकों को डिजिटल भुगतान करने पर अतिरिक्त शुल्क देना पड़ सकता है। दास ने इस बारे में भी बताया है कि आरबीआई, यूपीआई आधारित फीचर फोन उत्पाद लॉन्च करने की प्लानिंग बना रहा है।
एक रिपोर्ट की मानें तो हिंदुस्थान में हर महीने गूगल पे, पेटीएम, फोन-पे और भीम ऐप जैसे दूसरे यूपीआई प्लेटफॉर्म पर हर महीने करीब १.२२ बिलियन यानी करीब १२२ करोड़ रुपए तक का लेन-देन होने लगा है। अगर साल २०१६ यानी ५ साल पहले की स्थिति की तुलना करें तो अब इसमें ५५० प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। २०१६-१७ में १,००४ करोड़ डिजिटल ट्रांजेक्शन होते थे। ये आंकड़ा २०२०-२०२१ में ५,५५४ करोड़ पर पहुंच गया है। २०२१ के अप्रैल-मई महीने में डिजिटल ट्रांजेक्शन २०२० की तुलना में १०० प्रतिशत से ज्यादा बढ़े हैं।





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