मुंबई, मुंबई की एक हाउसिंग सोसायटी में एक अजीब मामला सामने आया है। एक बच्चे के ‘लघु’शंका करने के मामले में सोसायटी के कुछ सदस्यों पर ‘दीर्घ’ यानी बड़ी विपदा आ गई। ९ वर्षीय इस बच्चे ने इमारत की सीढ़ियों पर लघुशंका कर दी थी। इस पर बवाल हो गया। सोसायटी के सेक्रेटरी ने सीसीटीवी से फुटेज निकालकर उसे सोसायटी के व्हॉट्सऐप ग्रुप पर डाल दिया। इसके बाद मामला पुलिस तक पहुंच गया और पुलिस ने सोसायटी के सेक्रेटरी और एक मेंबर के खिलाफ ‘पोक्सो’ के तहत मामला दर्ज कर लिया।
मिली जानकारी के अनुसार नाबालिग के सीसीटीवी फुटेज ग्रुप में डालने को पुलिस ने गंभीरता से लिया। चूंकि यह बच्चा नाबालिग है इसलिए यह ‘पोक्सो’ के तहत जुर्म माना गया। हालत ऐसी हो गई कि सोसायटी के सचिव और उक्त सदस्य को गिरफ्तारी से बचने के लिए अग्रिम जमानत के लिए आवेदन करना पड़ा।
नाबालिग का सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर आते ही उसकी मां ने भी देखा और काफी अपमानित महसूस किया। सोसायटी के कई लोगों ने इसे अश्लील भी माना। इसके बाद मामला पुलिस तक पहुंच गया। हालांकि दोनों ने अदालत में गिरफ्तारी पूर्व जमानत का आवेदन किया था, जिसे अदालत ने मंजूर कर उन्हें जमानत दे दी। बच्चे की मां ने आरोप लगाया कि गत ८ मई की दोपहर सोसायटी के एक सदस्य ने सोसायटी के व्हॉट्सऐप ग्रुप में एक वीडियो शेयर किया था।
इसके अलावा वही वीडियो एक अन्य ग्रुप में फॉरवर्ड किया गया था। परिवार ने जब इसकी जांच की तो पता चला कि यह वीडियो सोसायटी के कैमरे से निकाली गई है और उनके बच्चे को बदनाम किया जा रहा है। अदालत में आरोपी के वकील ने कहा कि उनके मुवक्किल सोसायटी के सचिव हैं और दूसरे सोसायटी के सदस्य हैं। वीडियो बच्चे की बदनामी के लिए नहीं, बल्कि सोसायटी की सुरक्षा को ध्यान न रखते हुए निकाला गया था। हालांकि सरकारी वकील ने उन्हें अग्रिम जमानत देने का कड़ा विरोध किया और जांच में आंच लाने की बात कही। हालांकि अदालत ने दोनों की दलीलें सुनने के बाद सशर्त जमानत दी है। इस पूरे मामले में नाबालिग बच्चे की मां द्वारा दर्ज कराए गए मामले में नाबालिग के बारे में टिप्पणी, फोटो या रिपोर्ट पोस्ट करने या मीडिया में बच्चे की गोपनीयता का उल्लंघन करने का भी जिक्र किया है। वहीं इस मामले को लेकर मुलुंड पुलिस जांच कर रही है। इसके अलावा वही वीडियो एक अन्य ग्रुप में फॉरवर्ड किया गया था। परिवार ने जब इसकी जांच की तो पता चला कि यह वीडियो सोसायटी के कैमरे से निकाली गई है और उनके बच्चे को बदनाम किया जा रहा है। अदालत में आरोपी के वकील ने कहा कि उनके मुवक्किल सोसायटी के सचिव हैं और दूसरे सोसायटी के सदस्य हैं। वीडियो बच्चे की बदनामी के लिए नहीं, बल्कि सोसायटी की सुरक्षा को ध्यान न रखते हुए निकाला गया था। हालांकि सरकारी वकील ने उन्हें अग्रिम जमानत देने का कड़ा विरोध किया और जांच में आंच लाने की बात कही। हालांकि अदालत ने दोनों की दलीलें सुनने के बाद सशर्त जमानत दी है। इस पूरे मामले में नाबालिग बच्चे की मां द्वारा दर्ज कराए गए मामले में नाबालिग के बारे में टिप्पणी, फोटो या रिपोर्ट पोस्ट करने या मीडिया में बच्चे की गोपनीयता का उल्लंघन करने का भी जिक्र किया है। वहीं इस मामले को लेकर मुलुंड पुलिस जांच कर रही है।





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