मुंबई, भारत में सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़े दिन प्रतिदिन बढ़ते ही जा रहे हैं। केंद्र द्वारा पिछले वर्ष २०२२ के लिए जो आंकड़े पेश किए गए हैं उनसे पता चलता है कि भारत में पिछले साल कुल ४,६१,३१२ सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं हैं। इन हादसों में १,६८,४९१ लोगों की जान चली गई, जबकि करीब ४.४५ लाख लोग घायल भी हुए हैं। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा ‘भारत में सड़क दुर्घटनाएं – २०२२’ शीर्षक वाली रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में दुर्घटनाओं की संख्या २०२१ की तुलना में लगभग १२ प्रतिशत बढ़ गई है, जबकि मरने वालों की संख्या ९.४ प्रतिशत बढ़ गई है। २०२२ में घायल होने वाले लोगों की संख्या में १५.३ प्रतिशत का इजाफा हुआ। बता दें कि मंत्रालय इस रिपोर्ट को पुलिस द्वारा साझा की गई जानकारी के आधार पर तैयार करता है।
सड़कों पर तेज रफ्तार वाहन चलाने से सबसे अधिक हादसे होते हैं और इसी में सबसे अधिक लोगों की मौत होती है। वर्ष २०२२ में हुई लगभग ७५ प्रतिशत दुर्घटनाओं का कारण तेज रफ्तार में वाहन चलाना ही है। सड़क दुर्घटनाओं के बढ़ते मामलों के पीछे गलत साइड ड्राइविंग भी सबसे बड़े कारणों में से एक है, जिसका योगदान लगभग छह प्रतिशत है। नशे में गाड़ी चलाना और गाड़ी चलाते समय फोन का इस्तेमाल दो अन्य बड़े कारण हैं, जो भारत में चार प्रतिशत से ज्यादा सड़क दुर्घटनाओं में योगदान करते हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, सड़क सुरक्षा मानदंडों के उल्लंघन के कारण भी पिछले साल भारत में लगभग ७०,००० लोग मारे गए। वाहन में बैठने वाले सभी लोगों के लिए सीटबेल्ट अनिवार्य होने के बावजूद, २०२२ में इसे न पहनने के कारण लगभग १७,००० लोगों की जान चली गई। यही नहीं हेलमेट न पहनने के कारण भी करीब ५०,००० से ज्यादा दोपहिया वाहन चालकों की भी मौत हो गई।





Users Today : 2
Users Yesterday : 6
Users Last 7 days : 74
Users Last 30 days : 287
Users This Month : 44
Users This Year : 2826
Total Users : 64033
Views Today : 2
Views Yesterday : 7
Views Last 7 days : 86
Views Last 30 days : 386
Views This Month : 51
Views This Year : 3366
Total views : 99389
Who's Online : 0


