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कल्याण-डोंबिवली में आवारा कुत्तों के हमले;  जनवरी से अक्टूबर तक 18,705 लोग शिकार; कुत्ते के काटने से युवक की मौत 

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मुंबई : कल्याण-डोंबिवली मनपा क्षेत्र में स्ट्रीट डॉग्स के हमलों की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। मनपा के अनुसार, जनवरी से अक्टूबर तक 18,705 लोग स्ट्रीट डॉग्स के हमलों के शिकार हुए हैं। पिछले हफ्ते कल्याण में एक युवक की स्ट्रीट डॉग के काटने से मौत हो गई थी। इससे मनपा क्षेत्र में स्ट्रीट डॉग्स के बढ़ते खौफ पर लोगों ने चिंता जाहिर की है। लोगों का कहना है कि कई इलाके ऐसे हैं, जहां रात के वक्त पैदल या फिर दोपहिया वाहन से चलना मुश्किल हो गया है। लोग स्ट्रीट डॉग्स के कारण डरते हुए सड़कों से गुजरते हैं। कुछ दिन पहले केडीएमसी क्षेत्र में आने वाले टिटवाला में एक महिला पर आवारा स्ट्रीट डॉग्स ने जानलेवा हमला कर दिया था। स्ट्रीट डॉग्स उसे करीब 50 मीटर तक घसीटते हुए ले गए। यह घटना सीसीटीवी में कैद हो गई थी।
बुजुर्ग महिला को मुंबई के सरकारी अस्पताल में भर्ती किया गया है, जहां उसका अब भी इलाज जारी है। इसके बाद कल्याण के बेतुरकर पाडा इलाके में 8 साल के बच्चे को स्ट्रीट डॉग ने काट लिया। पिछले हफ्ते 28 वर्षीय युवक जिस युवक को स्ट्रीट डॉग ने काटा था, उसके बाद उसे बिल्ली ने भी काट लिया, जिसके बाद उसकी मौत हो गई। इन घटनाओं के कारण कल्याण-डोंबिवली में स्ट्रीट डॉग्स के मुद्दे पर स्थानीय लोग मनपा प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं।
ऐंटि रेबीज वैक्सीन लेना जरूरी
केडीएमसी के आरोग्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि इस साल जनवरी से अक्टूबर महीने तक 18,705 लोगों पर स्ट्रीट डॉग्स ने हमला किया है। 8 महीने में उनके विभाग ने 12,406 आवारा स्ट्रीट डॉग्स की नसबंदी और टीकाकरण किए हैं। आंकड़ों से पता चला है कि शहर में हर महीने लगभग दो हजार लोग स्ट्रीट डॉग्स के हमलों के शिकार हो रहे हैं। केडीएमसी के आरोग्य विभाग की मुख्य हेल्थ ऑफिसर रश्मि शुक्ल ने कहा कि पिछले हफ्ते जिस युवक को स्ट्रीट डॉग ने काटा था, उसके बाद युवक ने वैक्सीन नहीं ली, जिससे उसकी मौत हो गई। उन्होंने लोगों से अपील की है कि अगर शहर में कोई स्ट्रीट डॉग्स काट लेते हैं, तो तुरंत मनपा के सभी प्रमुख हॉस्पिटल में उपलब्ध ऐंटि रेबीज वैक्सीन जरूर लें। इससे जान का जाने का खतरा कम हो जाता है।
हर महीने एक हजार कुत्तों की नसबंदी
स्थानीय लोगों का कहना है कि देर रात काम से लौटने वाले और घर के बाहर खेलने वाले बच्चों पर स्ट्रीट डॉग्स के हमले का डर बना रहता है। इससे दहशत का माहौल है। यही कारण है कि लोग स्ट्रीट डॉग्स पर नियंत्रण की मांग कर रहे हैं। हालांकि, हर महीने औसतन एक हजार आवारा कुत्तों का टीकाकरण और नसबंदी की जाती है। इसके बावजूद डॉग्स के हमले की समस्या बरकरार है।