मुंबई: राज्य सरकार ने नासिक और रायगढ़ के लिए पालक मंत्रियों की नियुक्ति पर रोक लगा दी है। माना जा रहा है इससे नासिक के पालक मंत्री गिरीश महाजन और रायगढ़ की पालक मंत्री अदिति तटकरे को झटका लगा है। पालक मंत्री की नियुक्ति के 24 घंटे से भी कम समय में इन दोनों जिलों में नियुक्तियों को निलंबित करने के फैसले से सरकार को शर्मिंदगी उठानी पड़ी है।
गिरीश महाजन को नासिक व तटकरे को रायगढ़ का पालक मंत्री घोषित किया गया था। हालांकि, नासिक के लिए शिवसेना के दादा भुसे और रायगढ़ के लिए भरत गोगावले का नाम भी चर्चा में था। इसके बाद भरत गोगावले के समर्थकों ने भी सार्वजनिक रूप से नाराजगी जताई।
किस जिले में ध्वज फहराएंगे
महायुति के अंदरूनी विवाद का असर पालक मंत्री की नियुक्ति पर पड़ा। रविवार को सरकार ने एक सूची भी घोषित की कि गणतंत्र दिवस पर कौन से पालक मंत्री किस जिले में ध्वज फहराएंगे। इसमें नासिक में गिरीश महाजन और रायगढ़ में अदिति तटकरे का नाम शामिल था।
हालांकि, रविवार देर रात को अचानक सरकार ने अगले आदेश तक इन दोनों के नामों पर रोक लगाने की घोषणा कर दी। इससे पहले तटकरे की नियुक्ति के विरोध में गोगावले समर्थकों ने महामार्ग को रोक दिया था।
एक महीने चली रस्साकशी
गोगावले के 38 समर्थकों ने निर्णय के विरोय में डीसीएम शिंदे को अपना इस्तीफा भेज दिया। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 में वोटरों का ऐतिहासिक जनादेश बीजेपी, शिवसेना (शिंदे गुट), राकां (अजित पवार) के गठबंधन वाली महायुति के पक्ष में आया। देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में महायुति सरकार 2.0 का गठन भी हो गया है लेकिन महायुति में सब कुछ ठीक नहीं होने जैसी घटनाएं बार-बार घटित हो रही है। ऐसा ही पालक मंत्रियों की घोषणा के बाद फिर से देखने को मिल रहा है।
मंत्रियों के बयान
रोजगार गारंटी मंत्री भरत गोगावले, “जो निर्णय आए हैं वे आप्रत्याशित है और संतोषजनक नहीं है लेकिन हमारे नेता एकनाथ शिंदे जो भी निर्णय लेंगे हमें वह स्वीकार होगा। हम इस पर चर्चा करेंगे।”





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