पुणे : पॉर्श कार दुर्घटना मामले में 10 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने की सुनवाई शुरू हो गई। अभियोजन पक्ष ने दावा किया कि रक्त के नमूने बदलने से जुड़ा उनके पास ठोस डीएनए सबूत है। गौरतलब है कि बीते साल 19 मई को पॉर्शे कार ने एक बाइक को टक्कर मार दी थी। इस वजह से आईटी पेशेवर अनिश अवधिया और उनकी दोस्त आश्विनी कोस्टा की मौत हो गई थी। पोर्श कार को नशे में धुत एक नाबालिग चला रहा था।
यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर उस समय सुर्खियों में आया जब पुलिस ने मामले को दबाने के लिए बड़े पैमाने पर प्रयासों का खुलासा किया था। इसमें शराब परीक्षण को नकारने के लिए किशोर के रक्त के नमूने को उसकी मां के रक्त के नमूने से बदलना भी शामिल था। विशेष लोक अभियोजक अधिवक्ता शिशिर हिरे ने अदालत में कहा कि सभी 10 आरोपियों के खिलाफ सबूत जुटाए गए हैं और इन्हीं के आधार पर आरोप तय किए जाने चाहिए। आरोपियों में नाबालिग के माता-पिता, सासून अस्पताल के डॉ. अजय तावड़े व डॉ. श्रीहरी हलनोर, स्टाफ अतुल घाटकांबले, दलाल बशपक मकंदर व अमर गायकवाड़ तथा आदित्य अविनाश सूद, आशीष मित्तल और अरुण कुमार सिंह शामिल हैं। नाबालिग की मां जमानत पर है, जबकि अन्य 9 जेल में हैं।





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