मुंबई : दिवाली के बाद कोरोना संक्रमण पर लगाम लगाने के बाद बीएमसी के स्वास्थ्य विभाग ने रोजाना सामान्य नागरिकों के संपर्क में आने वाले लोगों की टेस्टिंग की प्रक्रिया तेज की है। इसके तहत सब्जी विक्रेता, ऑटो ड्राइवर, बस कंडक्टर, हॉकर्स और सड़कों पर दुकान लगाने वालों का कोरोना टेस्ट किया जा रहा है। बीते कुछ दिनों में रोजाना सैकड़ों लोगों से मिलने वाले 10 हजार लोगों का कोरोना टेस्ट किया गया है। जांच में मुंबई के विभिन्न हिस्सों के 150 हॉकर्स, ऑटोचालक और सब्जी विक्रेता कोरोना से संक्रमित पाए गए हैं।
लॉकडाउन में छूट मिलने के बाद बड़े पैमाने पर लोग नौकरी और अन्य कार्यों से बड़ी संख्या में घरों से बाहर निकल रहे हैं। नतीजतन, बाजारों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर लोगों की भीड़ जुटने लगी है। ऐसे में प्रशासन को डर है कि विभिन्न कारणों से रोजाना कई लोगों के संपर्क में आने वाले लोग कोरोना वायरस का सुपर स्प्रेडर बन जाएंगे।
स्वास्थ्य विभाग ने बस कंडक्टर, ड्राइवर, ऑटो चालक, सब्जी विक्रेता, हॉकर्स, ऑटो- टैक्सी चालकों के टेस्ट पर विशेष जोर देने का निर्णय लिया है। खतरे को भांपते हुए रिक्षा स्टैंड, बस स्टैंड, बाजारों में कैंप लगा लोगों की जांच की जा रही है। मनपा के अतिरिक्त आयुक्त सुरेश काकानी के अनुसार, दिवाली के बाद देश के कुछ हिस्सों में रोग के मामलों में बढ़ोतरी हुई है, इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग मुंबई में कोरोना की दूसरी लहर को रोकने में सफल हुआ है। नए मामलों में कमी आ रही है।





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