मुंबई : मुंबई के कुछ भागों में तथा पूरे महाराष्ट्र में विद्युत वितरण करने वाली सरकारी कंपनी महावितरण को निजी कंपनियों को दिये जाने की संभावना बन रही है। केंद्र सरकार ने इस आशय का निविदा प्रस्ताव भेजा है। खबर के अनुसार यदि ऐसा होता है तो महावितरण (MESDCL) की करीब सवा लाख करोड़ रुपये की संपत्ति निजी कंपनियों के हाथों में चली जायेगी।
बकाया बिजली का बिल, बिजली की चोरी, सरकारी कार्यालयों द्वारा बिल भरने में उदासीनता जैसी अनेक समस्याओं से महाराष्ट्र सहित हर राज्य की विद्युत वितरण कंपनियों को दो-चार होना पड़ता है। इसकी वजह से राज्यों की सरकारी विद्युत वितरण कंपनियां भीषण आर्थिक संकट में हैं। इस स्थिति की वजह से इन कंपनियों का निजीकरण करने का विचार केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय ने प्रधानता से शुरू किया है।
इसके अंतर्गत केंद्रशासित प्रदेश में विद्युत वितरण कंपनियों के निजीकरण की प्रक्रिया इसके पहले से ही शुरू की जा चुकी है। अब राज्यों के विद्युत वितरण कंपनियों के लिए केंद्र सरकार ने प्रस्ताव तैयार किया है। जिसके अनुसार राज्य सरकारों के विद्युत वितरण कंपनियों की जमीनों के साथ ही सभी संपत्तियां व मालिकाना हक निजी कंपनियों को ट्रांसफर कर दिये जायेंगे।
इस संबंध में केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय ने सभी राज्यों को निविदा का मसौदा भेजा है। इस मसौदे के अनुसार राज्य में विद्युत वितरण कंपनियों के निजी कंपनियों को ट्रांसफर किये जाने की प्रक्रिया 32 सप्ताहों में पूर्ण कर ली जानी चाहिए।





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