मुंबई : औरंगाबाद शहर के नामांतरण को लेकर शिवसेना-भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर थम नहीं रहा है। बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता केशव उपाध्ये ने शिवसेना पर तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की शिवसेना बाल ठाकरे की शिवसेना नहीं है, अब यह ‘औरंगजेब सेना’ हो गई है। शिवसेना औरंगाबाद मुद्दे पर दोहरी भूमिका अपना रही है। भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित पत्रकार परिषद में उपाध्ये ने कहा कि सत्ता में होने के बावजूद शिवसेना औरंगाबाद का नाम संभाजीनगर करने के लिए किसी तरह का प्रयास नहीं कर रही है। जिस तरह औरंगजेब ने उस समय छत्रपति शिवाजी महाराज को मुलाकात के लिए बुलाया और विश्वासघात कर उन्हें गिरफ्तार किया। उसी तरह का व्यवहार शिवसेना कर रही है। शिवसेना के कथनी और करनी में फर्क है।
भाजपा प्रवक्ता उपाध्ये ने कहा कि भाजपा-शिवसेना ने वर्ष 1995 में महापालिका में औरंगाबाद के नामांतरण का प्रस्ताव पेश किया था। उस समय युति सरकार ने प्रस्ताव मंजूर भी किया। उसके बाद राज्य में गठित कांग्रेस और राष्ट्रवादी की सरकार ने दो बार अदालत में नामांतर प्रस्ताव रद्द किया। आज उन्ही दोनों पार्टियों के साथ शिवसेना सरकार चला रही है। औरंगाबाद महानगरपालिका की आम सभा में भाजपा नगरसेवकों ने कई बार नाम बदलने का प्रस्ताव दिया। स्मरण पत्र देने के बावजूद शिवसेना के महापौर ने उसे नजरअंदाज किया। बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि औरंगाबाद के नामांतरण की इच्छाशक्ति शिवसेना में कभी नहीं थी।





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