ठाणे, कोरोना से लोगों को बचाने के लिए टीकाकरण अभियान शुरू किया गया है लेकिन केंद्र सरकार द्वारा टीके की आपूर्ति कम करने और टीकाकरण के लिए आधार कार्ड का नियम लागू करने से टीकाकरण का बंटाधार हो गया है। इसके चलते ठाणे मेंटल अस्पताल में केवल ५३ मरीजों का टीकाकरण संभव हो पाया है। मेंटल अस्पताल में उपचार करा रहे कुल ३५० मनोरोगियों के पास आधार कार्ड नहीं होने की वजह से उनका टीकाकरण नहीं हो पाया है।
बता दें कि ठाणे मेंटल अस्पताल में मौजूद कुल ८४४ मनोरोगियों में से १७३ मनोरोगी कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। २३ मरीजों का उपचार चल रहा है जबकि तीन मरीजों की मौत हो चुकी है। वर्तमान में ठाणे प्रादेशिक मनोरोग अस्पताल में कुल ८४४ मरीजों का इलाज चल रहा है और केवल ५३ मनोरोगियों को टीका लगाया गया है। मनोरोग केंद्र सार्वजनिक होने के कारण यहां पर अन्य नागरिकों का भी टीकाकरण किया जा रहा है। अस्पताल के मरीजों में से अब तक केवल ५३ मरीजों को ही वैक्सीन की पहली खुराक दी जा सकी है जबकि अन्य लोगों को वैक्सीन उपलब्ध होते ही टीका लगाया जाएगा।
चौंकानेवाली बात यह है कि केंद्र सरकार के नियमों के तहत टीकाकरण का पंजीकरण कराया जा रहा है। वहीं यह बात सामने आई है कि मनोरोग अस्पताल में आधार कार्ड नहीं होने के कारण करीब ३५० मरीजों का टीकाकरण नहीं हो पाया है।
ठाणे मेंटल अस्पताल के मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय बोडके ने कहा कि अस्पताल में ८४४ मरीज हैं, इसमें ५३६ पुरुष और ३०८ महिलाएं शामिल हैं। इस समय मेंटल अस्पताल में २३ मरीज कोरोना पॉजिटिव हैं, जिनमें १५ पुरुष और ८ महिलाएं हैं। मार्च २०२० से अब तक १७३ मनोरोगी कोरोना की चपेट में आ चुके हैं, इनमें से तीन लोगों की मौत हो गई है इसलिए इन मरीजों को टीका लगाने की आवश्यकता है। मरीजों के इम्यून सिस्टम को बूस्ट करने के लिए समूचित डाइट दी जा रही है।





Users Today : 18
Users Yesterday : 33
Users Last 7 days : 362
Users Last 30 days : 924
Users This Month : 290
Users This Year : 9240
Total Users : 70447
Views Today : 29
Views Yesterday : 59
Views Last 7 days : 497
Views Last 30 days : 1191
Views This Month : 403
Views This Year : 10440
Total views : 106463
Who's Online : 0


