मुंबई, चक्रवाती तूफान ‘तौकते’ के बाद आए ‘यास’ तूफान से मानसून में बदलाव होने के तर्क लगाए जा रहे हैं। हालांकि मौसम वैज्ञानिकों ने स्पष्ट किया है कि तूफानों का मानसून पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। मानसून अपने समय पर आएगा। महाराष्ट्र में १० जून को मानसून दाखिल होने का अनुमान है। मुंबई में भी बारिश अपने समय पर होगी। इस साल सामान्य से ज्यादा बारिश होने का अनुमान मौसम वैज्ञानिकों ने व्यक्त किया है।
अरब सागर में उठे चक्रवर्ती तूफान ‘तौकते’ ने बीते दिन पांच राज्यों में भारी तबाही मचाई थी। कल उड़ीसा और प. बंगाल में यास तूफान का तांडव देखा गया। क्या इन तूफानों से मौसम में बदलाव होगा? क्या मानसून की स्थितियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा? इसके जवाब में मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसून पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा।
मुंबई प्रादेशिक मौसम विभाग की अधिकारी शुभांगी भुते के अनुसार तौकते और यास चक्रवाती तूफान अब गुजर चुके हैं। अंदमान और प. बंगाल की खाड़ी में बन रही स्थितियों के अनुसार महाराष्ट्र में १० जून को मानसून दस्तक देगा। गोवा और महाराष्ट्र के कोकण के बाद मानसून के बादल मुंबई पहुंचेंगे। मुंबई सहित पूरे राज्य में समय पर बारिश होने का पूर्वानुमान है।
मौसम का आकलन करनेवाली निजी संस्था ‘स्काईमेट’ के प्रमुख वैज्ञानिक महेश पालावत के मुताबिक जून में अच्छे मानसून की संभावना है। मुंबई में भी बारिश अपने समय पर होगी।
पालावत ने बताया कि हाल में आए तूफानों से मानसून पर कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ेगा। मानसून के लिए गतिविधियां अच्छी रहेंगी। केरल में ३० मई को मानसून के दाखिल होने का पूर्वानुमान है। मानसून एक-दो दिन आगे पीछे हो सकता है लेकिन एक जून को केरल में मानसून के दाखिल होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि पश्चिमी क्षेत्र में बन रही हवा की स्थिति मानसून को और मजबूत बनाती दिखाई दे रही है।





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