ठाणे, नई मुंबई में बीते कई वर्षों से प्रलंबित मैंग्रोव्ज क्षेत्र की समस्याओं को दूर करने के प्रयास तेज हो गए हैं। पामबीच मार्ग को जोड़ने के लिए घनसोली और एरोली के बीच १.९५ किमी लंबे पुल निर्माण को लेकर मैंग्रोव्ज विभाग को राज्य सरकार के मीरा-भायंदर स्थित वैकल्पिक १० एकड़ भूखंड मुहैया कराने का निर्णय लिया गया है। इसे लेकर जिलाधिकारी कार्यालय से पत्राचार शुरू कर दिया गया है। शिवसेना सांसद राजन विचारे के मुताबिक, आनेवाले दिनों में घनसोली-एरोली समांतर मार्ग की सारी बाधाएं दूर होंगी और नई मुंबई शहर पर्यटकों के लिए केंद्र बिंदु बनेगा। उन्होंने कहा कि इसी क्रम में एरोली सागरी जैव विविधता केंद्र के विकास को भी गति मिली है।
बता दें कि नई मुंबई में लंबे अर्से से लंबित मैंग्रोव्ज परिसर में व्याप्त समस्याओं को लेकर ठाणे के शिवसेना सांसद राजन विचारे ने अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक वीरेंद्र तिवारी और मनपा अधिकारियों के साथ मंगलवार को बैठक की। बैठक में यहां की समस्याओं को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बताया गया है कि पाम बीच पर साइकिल ट्रैक के विकास के लिए आवश्यक अनुमति प्राप्त कर ली गई है। गवलीदेव सुलाईदेवी पर्यटन स्थल विकास के लिए आवश्यक वाइल्ड लाइफ की एनओसी मिल गई है। एरोली खाड़ी के किनारे आनेवाले फ्लेमिंगों सहित अन्य देशी-विदेशी पक्षी पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं। ऐसे में यहां के मैंग्रोव्ज क्षेत्र में स्थित १४ एकड़ भूखंड पर तटीय और जैव विविधता केंद्र के विकास के लिए ४० करोड़ रुपए मुहैया कराए गए हैं।





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