राजस्थान के झुंझुनू जिले में वर्ष २०१८ में एक वृद्धा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। वृद्धा के कमरे में एक सांप मिला था। मृतका की पुत्रवधू ने सर्पमित्र को बुलाकर उस सांप को मरवा दिया था। इसलिए पहले तो ये मान लिया गया कि वृद्धा की मौत सर्पदंश से हुई होगी।
लेकिन घटना के सात महीने बाद मृतका की फॉरेंसिक रिपोर्ट आई तो हड़कंप मच गया। रिपोर्ट में पता चला कि सर्पदंश से पहले ही वृद्धा की मौत हो गई थी। मुंह व नाक दबाकर उसकी सांसें रोक दी गई थीं। नए सिरे से मामले की जांच शुरू हुई तो पता चला घटना के वक्त मृतका की पुत्रवधू अल्पना ही घर में मौजूद थी, जबकि मृतका का बेटा नौकरी के सिलसिले में आसाम में रहता था। दूसरी बात ये थी कि जिस कमरे में वृद्धा की मौत हुई थी, वह पूरी तरह से बंद था, उसमें सांप का घुसना बिल्कुल भी संभव नहीं था।
पुलिस ने अल्पना के बारे में और जांच की तो पता चला कि उसका मनीष नामक युवक से प्रेम संबंध था। पुलिस हिरासत में अल्पना ने बताया कि उसकी सास ने उसे मनीष के साथ रगरलियां मनाते हुए रंगेहाथ पकड़ लिया था और वह उसके व मनीष के संबंधों का विरोध करने लगी थी। उसे डर था कि वह अपने बेटे के समक्ष उसका राजफाश कर सकती है इसलिए उसने मनीष की मदद से वृद्धा (अपनी सास) को सोते समय तकिए से मुंह दबाकर मार डाला। उससे पहले मनीष ने एक जहरीला सांप खरीद लिया था। हत्या के बाद उन लोगों ने वह सांप वृद्धा के बिस्तर पर फेंक दिया और कमरा बंद करके मनीष भाग गया। इस मामले में अल्पना व मनीष को पहले जमानत मिल गई थी लेकिन अल्पना के पति के विरोध के कारण अदालत ने अब इनकी जमानत रद्द कर दी है।
झुंझुनू की तरह केरल में एक युवक ने सर्पदंश की साजिश रचकर अपनी पत्नी की हत्या की थी। यह घटना ७ मई, २०२० को हुई थी। हुआ ऐसा था कि केरल के कोल्लम जिले में एक २५ वर्षीया महिला की मौत सर्पदंश से हो गई थी। मौत के कुछ दिनों बाद मृतका के माता-पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें आरोप लगाया गया कि मृतका का पति सूरज और उसके परिजन उनकी बेटी को दहेज के लिए परेशान करते थे। खास बात ये थी कि मृतका को पहले भी एक बार सर्पदंश से मारने की कोशिश की गई थी लेकिन तब सर्पदंश के बावजूद समय पर इलाज हो जाने से मृतका बच गई थी।
एसआईटी ने पाया कि आरोपी सूरज ने एक स्थानीय सांप हैंडलर सुरेश से पर्याप्त प्रशिक्षण लिया। उसने सुरेश से पहले एक कोबरा खरीदा था और उससे उथरा को डंसवाया भी था। हालांकि तब उथरा सौभाग्य से बच गई थी। सूरज के कथित पहले प्रयास के दौरान किसी को भी उस पर शक नहीं हुआ था इसलिए उसने बेफिक्र होकर दोबारा उसी तरह सर्पदंश के जरिए उथरा को मारने की साजिश रची। दूसरी बार उसने सुरेश से एक पूर्ण विकसित काला कोबरा खरीदा। उसके लिए १०,००० का भुगतान किया गया था। ६ मई की रात जब उथरा सो गई तब सूरज ने कथित तौर पर बोतल से सांप को निकाला और उस पर फेंक दिया। सांप ने उथरा को दो बार डंसा। पहले से बीमार होने और दवा का हैवी डोज लेने के कारण उथरा उठने में नाकाम रही। दूसरी तरफ सूरज यह सुनिश्चित करने के लिए पूरी रात जागता रहा कि कहीं सांप उसे ही न डंस ले। अगले दिन सुबह उसने उथरा के कमरे में सांप देखे जाने का शोर मचाया। अस्पताल में पुष्टि हो गई कि सांप के डंसने से उथरा की मौत हो गई। पुलिस ने सूरज और संपेरे सुरेश को गिरफ्तार किया था। हालांकि सांप हैंडलर सुरेश बाद में एक सरकारी गवाह बन गया।
अब वह घड़ी आ गई है कि सूरज को उसके किए की सजा मिले। दक्षिण केरल की कोल्लम जिला मजिस्ट्रेट अदालत सोमवार को सांप से डसवा कर हत्या के मामले में सूरज को दोषी माना है। अगले सोमवार को अदालत सूरज की सजा पर फैसला सुना सकती है।





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