मुंबई, आर्यन खान ड्रग्स मामले में केपी गोसावी के बॉडीगार्ड और गवाह प्रभाकर साईल ने किए खुलासे से नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) बेपर्दा हो गई है। गवाह ने एनसीबी के जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े पर आरोप लगाया है कि वानखेड़े ने गोसावी के साथ साठ-गांठ की और उसकी एवज में उन्हें करोड़ों रुपए भी मिले। प्रभाकर द्वारा जारी किए गए वीडियो में कई खुलासे किए हैं। उन्होंने दावा किया कि आर्यन केस के बाद गोसावी और सैम डिसूजा नामक व्यक्ति के साथ हुई बातचीत के दौरान २५ करोड़ रुपए की बात करते सुना था। बातचीत के बाद डील १८ करोड़ रुपए में तय हुई। इस बातचीत के दौरान आठ करोड़ रुपए समीर वानखेड़े को देने की बात कही थी, जिसके बाद पैसे लेने सायन-पनवेल मार्ग पर वाशी ब्रिज के पास गए थे।
प्रभाकर ने दावा किया है कि केपी गोसावी ने यह लेने के लिए वाशी ब्रिज के पास बुलाया था, वहां से पैसे एक नीले रंग की थैली में लेकर सैम डिसूजा को दिया था। जबकि मुंबई के ताड़देव सिग्नल पर एक महिला से ५० लाख रुपए लिए गए थे। प्रभाकर ने अपने बयान में बताया है कि उनसे पंचनामा का पेपर बताकर जबरन १० ब्लैंक पेपर पर साइन करवाकर उनका आधार कार्ड लिया गया। लेकिन इस गिरफ्तारी के बारे में कुछ नहीं पता था।
एनसीबी ने एक आधिकारिक बयान जारी किया है, जिसमें उन्होंने जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े पर लगे आरोपों का खंडन किया है। एनसीबी ने अपने बयान में कहा है कि प्रभाकर साईल (गवाह) द्वारा एक एफिडेविट जारी किया गया है, जो कि केस नं. ९४/२०२१ में गवाह है। यह मामला सोशल मीडिया के माध्यम से हमारे पास आया है। एफिडेविट में कहा गया है कि प्रभाकर ने २ अक्टूबर २०२१ से जुड़ी कार्रवाई की जानकारियां दी हैं। यह मामला अभी न्यायालय के अधीन है। उन्हें यह बात कोर्ट के सामने कहनी चाहिए, बजाय सोशल मीडिया पर। इस पर कार्रवाई करने के लिए मुंबई एनसीबी को भेजा गया है।





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