मुंबई, मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार के मामले में प्रवर्तन निदेशालय(ईडी) ने सोमवार को 12 घंटे की लंबी पूछताछ के बाद महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख को गिरफ्तार कर लिया है। इस कार्रवाई के बाद अब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार पर इनकम टैक्स ने अपना शिकंजा कसना शुरू किया है। बता दें कि मंगलवार को अजित पवार की एक हजार करोड़ रुपये से अधिक की बेनामी संपत्ति जब्त कर ली गई है। आयकर विभाग ने बेनामी संपत्ति लेनदेन निषेध अधिनियम, 1988 के अंतर्गत एनसीपी नेता अजित पवार की जिन संपत्तियों को जब्त किया गया है, उनमें दक्षिणी दिल्ली स्थित करीबन 20 करोड़ का फ्लैट शामिल है।
इसके अलावा 25 करोड़ रुपये का निर्मल हाउस स्थित पार्थ ऑफिस, 600 करोड़ की जरंदेश्वर शुगर फैक्ट्री और गोवा में 250 करोड़ का रिसोर्ट भी शामिल है। संपत्तियों को जब्त करने के बाद अजित पवार के पास 90 दिन का समय होगा। जिसमें उन्हें साबित करना होगा कि यह सारी प्रॉपर्टीज बेनामी पैसे से नहीं खरीदी गई है। गौरतलब है कि इस कार्रवाई से पहले ईडी ने अनिल देशमुख को गिरफ्तार किया था। इंडियन एक्सप्रेस के आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक देशमुख को रात लगभग 1.30 बजे धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया गया। बता दें कि देशमुख इससे पहले ईडी द्वारा भेजे गए पांच समन के बाद भी पूछताछ के लिए शामिल नहीं हुए थे।





Users Today : 3
Users Yesterday : 7
Users Last 7 days : 61
Users Last 30 days : 282
Users This Month : 110
Users This Year : 2892
Total Users : 64099
Views Today : 9
Views Yesterday : 11
Views Last 7 days : 84
Views Last 30 days : 386
Views This Month : 143
Views This Year : 3458
Total views : 99481
Who's Online : 0


