महाराष्ट्र के बीड जिले में परली स्थित एक स्थानीय अदालत ने MNS प्रमुख राज ठाकरे के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है. यह वारंट वर्ष 2008 में ठाकरे पर दर्ज मामले में जारी किया गया है, क्योंकि वह अदालत में उपस्थित नहीं हो रहे थे. यह मामला परली तालुका के धर्मापुरी गांव में पथराव की एक घटना से जुड़ा है. इस घटना के कारण महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख और इसके कार्यकर्ताओं के खिलाफ धारा 143 (गैरकानूनी सभी), धारा 427 (नुकसान पहुंचाना) और भारतीय दंड संहिता की अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था.
दरअसल 22 अक्टूबर 2008 को ठाकरे को गिरफ्तार किया गया था. इसके खिलाफ मनसे कार्यकर्ताओं ने धर्मापुरी गांव में एमएसआरटीसी की बसों पर पथराव करके उन्हें क्षतिग्रस्त कर दिया था. परली थाने ने इस मामले की जांच के बाद राज ठाकरे और उनके समर्थकों के खिलाफ अदालत में मामला दर्ज कराया. हालांकि इस मामले में तब मनसे प्रमुख और उनके समर्थकों को जमानत मिल गई थी, लेकिन इस मामले में वह लगातार परली स्थित अदालत में पेश होने में नाकाम रहे. अनुपस्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट एमएम मोरे-पावडे ने राज ठाकरे के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया.





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