Home Crime भारी पड़ सकता है अवैध रूप से टिकट बुक कराना

भारी पड़ सकता है अवैध रूप से टिकट बुक कराना

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मुंबई, रेलवे हमेशा चेतावनी देती है कि अवैध रूप से टिकट बुक न कराए, लेकिन सीजन में टिकट नहीं मिलने पर यात्री इसका शिकार बन ही जाते हैं। कई बार आपके आसपास टिकट बुकिंग के नाम पर एजेंट अवैध तरीके से टिकट की बुकिंग कर देते हैं। साल 2021 में पश्चिम और मध्य रेलवे पर इस तरह की टिकटों पर हुई कार्रवाई में करीब 15 हजार लोगों ने अपने हजारों रुपये गंवा दिए और यात्रा भी नहीं कर पाए।
पश्चिम और मध्य रेलवे पर कार्रवाई के दौरान 5,490 लाइव टिकट को सीज किया गया। लाइव टिकट वह हैं, जिन पर यात्रा की जानी है। इन टिकट की कीमत 96.99 लाख रुपये की है। इनमें से 3171 लाइव टिकट की बुकिंग मुंबई डिविजन से की गई थी। एक रेलवे अधिकारी ने बताया कि एक टिकट का मतलब एक पीएनआर होता है, जिसमें औसतन तीन यात्री शामिल थे। कार्रवाई के बाद जब टिकट सीज किए जाते हैं, तो सभी टिकट अवैध घोषित हो जाते हैं, जिनकी रकम रेलवे में जमा हो जाती है।
रेलवे ने टिकट बुकिंग के लिए बुकिंग खिड़कियों के अलावा वैध टिकट दलाल बनाए हुए हैं। लेकिन, आईआरसीटीसी के जरिए किसी तीसरे व्यक्ति द्वारा जब टिकट बुक की जाती है, तब अलर्ट रहने की जरूरत है। ऐसे दलाल कन्फ़र्म टिकट देने के नाम सॉफ्टवेयर इत्यादि का इस्तेमाल करते हैं। फेक ईमेल आईडी के जरिए टिकटों की बुकिंग करते हैं। इस तरह से प्राप्त की गई टिकट अवैध मानी जाती है। ऐसे टिकट पर यात्रा करने पर टिकट निरीक्षक द्वारा ₹250 का जुर्माना लगाने के लिए उस टिकट को रद्द कर दिया जाता है और यात्री को नई टिकट के शुल्क देने होते हैं।
इन अवैध दलालों पर रेल अधिनियम की धारा 143 के कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई होती है। क्योंकि, कार्रवाई रेलवे सुरक्षा बल द्वारा होती है, इसलिए अपराधियों पर आईपीसी नहीं लगाया जाता। नतीजतन पकड़े जाने पर दलालों को रेलवे कोर्ट में पेश किया जाता है, जहां मामूली जुर्माना देकर वह छूट जाते हैं। बहरहाल, टिकटों की बुकिंग किस तरह होती है, इस पर नजर रखने के लिए आरपीएफ की एक्स्पर्ट टीमें लगी रहती हैं। ये टीमें सॉफ्टवेयर इत्यादि की मदद से अवैध टिकटों को ट्रैक करती हैं।