मुंबई : महाराष्ट्र में हिंदुत्व को लेकर हो रही राजनीति फिलहाल थमती नजर नहीं आ रही है. शिव सेना और बीजेपी दोनों ही इस मुद्दे को लेकर एक के बाद एक नए दावे करती दिख रही हैं. अब शिव सेना नेता संजय राउत ने बीजेपी पर निशाना साधा है. संजय राउत अपने ताजा दावे में कहा है कि शिव सेना पहली पार्टी है जिसने हिंदुत्व के मुद्दे को उठाया और उसे लेकर चुनावों में उतरी. उन्होंने कहा हिंदुत्व के मुद्दे को लेकर उतरी शिव सेना की जीत के बाद बीजेपी ने गठबंधन का हाथ बढ़ाया था.
राउत ने कहा कि शिव सेना के रमेश प्रभु ने 1987-88 में विले पार्ले विधानसभा सीट पर उपचुनावों में जीत हासिल की और 1990 में उसे बरकरार रखा. ये पहली बार था जब राष्ट्रीय राजनीति में हिंदुत्व की चर्चा की गई थी. शिव सेना की जीत के बाद बीजेपी ने गंठबंधन का हाथ आगे बढ़ाया था. जिस पर बाला साहेब ठाकरे ने मान गए थे, क्योंकि वो हिंदु वोटों का बंटवारा नहीं चाहते थे. लगता है हमारे आसपास के नेता इतिहास के इस तथ्य से अवगत नहीं हैं. राउत ने कहा, ”शिव सेना पहली पार्टी थी जिसने हिंदुत्व के मुद्दे पर चुनाव लड़ा था. बीजेपी के नव हिंदुत्ववादी नेता इस इतिहास से अवगत नहीं हैं. लगता है किसी ने इतिहास के पन्ने फाड़ दिए. लेकिन हम समय-समय पर उन्हें जानकारी देते रहेंगे.”
इससे पहले बीजेपी नेता देवेंद्र फडणवीस ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे पर निशाना साधा था. उन्होंने कहा “मैं उन्हें याद दिलाना चाहता हूं कि उनकी पार्टी (शिवसेना) का जन्म उस समय नहीं हुआ था, जब मुंबई में बीजेपी के पार्षद थे. जब तक वे हमारे साथ थे, नंबर 1 या नंबर 2 पार्टी हुआ करते थे लेकिन अब नंबर 4 पर हैं. उन्होंने कहा, ”मैं शिवसेना को चुनौति देता हूं कि वो जिन सोनिया गांधी व राहुल गांधी के साथ बैठे हैं उनसे बाला साहेब ठाकरे के लिए एक ट्वीट ही करवा कर दिखा दें. शिव सेना राम मंदिर मुवमेंट के दौरान केवल भाषण दे रही थी. वह हम थे जिन्होंने इस दौरान गोलियां और लाठियां खाई थी.





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