मुंबई : महाराष्ट्र से धूम्रपान को लेकर एक सर्वे सामने आया है जिसमें बताया गया है कि 13 से 15 वर्ष के बीच के बच्चे धूम्रपान करते हैं. इस सर्वे में सामने आई बातों में सबसे हैरानी की बात ये है कि ये बच्चे धूम्रपान की वस्तुएं उन दुकानों से खरीदते हैं जिनपर इस आयुवर्ग को इसे बेचने की मनाही है.
वैश्विक युवा तंबाकू सर्वेक्षण में सामने आया है कि अन्य राज्यों के मुकाबले महाराष्ट्र में 13 से 15 आयु वर्ग के बच्चे कम धूम्रपान का सेवन करते हैं. ये सर्वे टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल में स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे द्वारा जारी किया गया. महाराष्ट्र में 3,765 स्कूल छात्रों को इस सर्वे में शामिल किया गया जिसमें से 5.1 प्रतिशत छात्र तंबाकू का सेवन करते पाए गए. हालांकि देश में औसतन 8.5 प्रतिशत बच्चे इस आयुवर्ग के बच्चे इसका सेवन करते हैं. वहीं अगर नॉर्थ ईस्ट के राज्य जिसमें अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम जैसे राज्यों में तो यह प्रतिशत 58 प्रतिशत तक है.
पिछले एक दशक में इस आयु वर्ग में समग्र तंबाकू की आदत में 42% तक की गिरावट आई है. वहीं, इसे लेकर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव डॉ प्रदीप व्यास ने कहा कि यह सत्य है कि छात्रों को तंबाकू से जुड़ी चीजें स्कूलों के पास ही मिल जाती है, इसे लेकर कानून का पालन ठीक से नहीं हो रहा. जबकि यह कानून है कि स्कूल से 100 यार्ड्स की दूरी तक ऐसी किसी दुकान को अनुमति नहीं होनी चाहिए.
आपको यहां बता दें कि तंबाकू देश में कैंसर का एक अहम कारण है. इससे मुंह का कैंसर, गले का कैंसर व किडनी लिवर जैसे कई प्रकार कैंसर तो होते ही हैं साथ इनसे जुड़ी कई अन्य बीमारियां भी होती हैं. इसे लेकर टाटा मेमोरियल सेंटर के निदेशक डॉ राजेंद्र बडवे ने कहा, लगभग 56 प्रतिशत नाबालिग बच्चों को आम पान की दुकानों से तंबाकू से जुड़ी चीजें आसानी से मिल जाती हैं. इसपर काबू करने के लिए तंबाकू को बेचने की निति पर काम करने की जरूरत है.





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