Home Crime बीएमसी पर फिर लगा भ्रष्टाचार का आरोप

बीएमसी पर फिर लगा भ्रष्टाचार का आरोप

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मुंबई: विभिन्न विकास योजनाओं पर बीएमसी करोड़ों रुपये खर्च करती है। वहीं इन प्रोजेक्ट्स पर सलाह देने के लिए सलाहकार नियुक्त करती है। जिस पर हर साल 700-800 करोड़ रुपये खर्च किए जाते हैं। यह बातें बीएमसी में नेता विपक्ष रवि राजा ने कही। रवि राजा ने कहा कि बीएमसी जो काम सलाहकारों से लेती है, वह अपने अधिकारियों से भी करवा सकती है। बीएमसी में इतने सक्षम अधिकारी हैं कि वह प्राइवेट कंपनियों के सलाहकार से बेहतर काम कर सकते हैं। कुछ काम बाहरी सालाहकर से करवाए जा सकते हैं। इससे बीएमसी का सलाहकर पर खर्च होनेवाली रकम आधी हो जाएगी।
बीएमसी आश्रय योजना, मजदूरों के लिए पुनर्वसन प्रोजेक्ट व अन्य पुनर्वसन योजनाओं के लिए सलाहकार नियुक्त कर रही है। जिस पर करीब 250 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। बता दें कि पिछले वर्ष बीएमसी ने दक्षिण मुंबई में दो पुनर्वसन प्रोजेक्ट शुरू करने की मंजूरी दी थी। इसमें फोर्ट में राजवाडकर स्ट्रीट, पलटन रोड और वाल पाखडी में 1016 घर बनाकर पुनर्वसन करने की योजना है। इस पर 434 करोड़ रुपये बीएमसी खर्च करेगी। इसी तरह डोंगरी में जेल रोड, डी वॉर्ड में पीजी सोलंकी रोड, भायखला में सिद्धार्थ नगर व टैंक पाखडी परिसर में घर बनाए जाने हैं। इस प्रोजेक्ट की कीमत 647 करोड़ रुपये है। बीएमसी ने इन दोनों प्रोजेक्ट्स के लिए सलाहकार नियुक्त करने के लिए टेंडर मंगाए हैं। जिस पर 60 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
पिछले कई सालों तक शिवसेना के साथ बीएमसी की सत्ता का सुख भोगने वाली बीजेपी सत्ता से अलग होते ही बीएमसी में भ्रष्टाचार के आरोप पर आरोप लगा रही है। महाराष्ट्र विधानसभा में नेता विपक्ष देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को बीएमसी के कामकाज में व्यापक भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए नियंत्रक और महालेखाकार कैग से बीएमसी के खर्चों का स्पेशल ऑडिट कराए जाने की मांग की है। फडणवीस ने यह मांग पार्टी के एक कार्यक्रम में अपने भाषण के दौरान की। बता दें कि जैसे-जैसे बीएमसी के चुनाव नजदीक आ रहे हैं, आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार तीव्र होता जा रहा है। देवेंद्र फडणवीस ने बीएमसी को घोटालों का अड्डा बताते हुए भ्रष्टाचार की पोल खोल करने वाले बीजेपी नेताओं की प्रशंसा भी की।