मुंबई : महाराष्ट्र सरकार ने गुरुवार को होली के लिए दिशा-निर्देश जारी करते हुए कहा कि लोगों को बड़ी संख्या में एकत्र हुए बगैर त्योहार मनाना चाहिए. इसके साथ-साथ कोविड ‘प्रोटोकॉल’ का पालन करना भी जरूरी है क्योंकि बीमारी अभी पूरी तरह से खत्म नहीं हुई है. इस साल होलिका दहन गुरुवार को को हो रहा है, जबकि ‘धुलीवंदन’ और ‘रंगपंचमी’ का त्योहार क्रमश: 18 और 22 मार्च हो मनाए जाने हैं. धुलीवंदन के लिए लोग एक-दूसरे को रंग-गुलाल लगाते हैं.
राज्य के गृह विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, ‘होली/शिमगा पूरे महाराष्ट्र में बड़े धूमधाम से मनायी जाती है. कोरोना वायरस संक्रमण को ध्यान में रखते हुए त्योहार को ज्यादा भीड़-भाड़ एकत्र किए बिना मनाने का प्रयास करें और कोविड प्रोटोकॉल का पालन करें.’ सरकार ने कहा कि धुलीवंदन और रंगपंचमी को सरल तरीके से मनाएं और सुनिश्चित करें कि कोरोना वायरस संक्रमण नहीं फैले. सरकार ने त्योहार के दौरान लोगों से पालकी निकालने से बचने को कहा. उसने कहा, ‘(इसके स्थान पर) स्थानीय प्रशासन को स्थानीय मंदिरों में (पालकी के) दर्शन का आयोजन करना चाहिए.’ कोविड के कारण पिछले दो साल से होली का त्योहार बिलकुल फीका-फीका रहा है.
मालूम हो कि महाराष्ट्र में बुधवार को कोरोना संक्रमण के 237 मामले सामने आए और इस दौरान 2 लोगों की इस जानलेवा वायरस से मौत हो गई. राज्य में इस दौरान 455 लोग कोरोना को मात देने में भी सफल रहे हैं. इसके साथ ही महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा बढ़कर 78,71,803 हो गई है और अब तक 1,43,759 जान गंवा चुके हैं. राज्य में फिलहाल कोरोना के 6,079 एक्टिव मरीज हैं और अब तक 77,21,965 लोग पूरी तरह से ठीक हो चुके हैं.





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