मुंबई । मुलुंड-गोरेगांव लिंक रोड के निर्माण में बाधा बनने वाले 1100 पेड़ों को काटा जाएगा। पूर्व उपनगर से पश्चिम उपनगर को जोड़ने वाले गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड बनाने पर मनपा कुल छह हजार करोड़ रुपए खर्च करेगी। गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड पर अड़चन बनने वाले पेड़ों को काटने की नोटिस 2020 में दी गई थी, लेकिन उस दौरान कोरोना महामारी के कारण इस पर कार्रवाई करने से रोक दिया गया था। उल्लेखनीय है कि मुलुंड-गोरेगांव लिंक रोड बनाने के लिए मनपा ने पहले ही योजना बनाई थी। मनपा ने इस परियोजना के तहत पूर्व उपनगर से पश्चिम उपनगर को जोड़ा जाएगा। मनपा ने इस परियोजना के लिए छह हजार करोड़ रुपए खर्च करने का निर्णय लिया है। गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड परियोजना में कुल 1100 पेड़ बाधा बन रहे हैं, जिन्हें काटने के लिए मनपा ने नोटिस जारी किया है। पर्यावरण प्रेमी पेड़ों को बचाने के लिए मनपा के इस निर्णय का विरोध कर रहे हैं।
बता दें कि मनपा द्वारा पेड़ों को काटने के लिए दी गई नोटिस में 561 पेड़ मुलुंड की ओर हैं, जबकि 424 पेड़ गोरेगांव की ओर हैं। पश्चिम एक्सप्रेस हाइवे गोरेगांव से शुरू होकर ओबेरॉय मॉल होते हुए मुलुंड पूर्व ऐरोली नाका जंक्शन के पास निकलेगा। इसके साथ ही तानसा पाइप लाइन खिडण्डीपाड़ा तक जाएगी। इस लिंक रोड के बन जाने से पूर्व उपनगर और पश्चिम उपनगर जुड़ जाएगा और लोगों को आने-जाने में आसानी होगी। मनपा के गार्डेन विभाग ने यह जानकारी दी कि पेड़ों को काटने के लिए लोगों से 2020 में शिकायत मांगी गई थी, अब यह दोबारा मांगी जा रही है। मनपा का कहना है कि कुल 1100 पेड़ों में से कुछ पेड़ों को बचाया भी जा सकता है, जिसके लिए दोबारा सर्वे किया जा रहा है।





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