Home Maharashtra BJP के पास हिंदुत्व का पेटेंट नहीं – उद्धव ठाकरे

BJP के पास हिंदुत्व का पेटेंट नहीं – उद्धव ठाकरे

20
0

मुंबई, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने रविवार को कहा कि भाजपा के पास हिंदुत्व का ‘‘पेटेंट’’ नहीं है. उन्होंने दावा किया कि शिवसेना के दिवंगत सुप्रीमो बाला साहब ठाकरे ने भाजपा को दिखाया था कि ‘‘ भगवा और हिंदुत्व’’के मेल से केंद्र की सत्ता हासिल करने में मदद मिल सकती है. सोनिया गांधी ने आंतरिक कलह रोकने और कांग्रेस को एकजुट करने के लिए उठाए कदम
ठाकरे ने कहा कि भाजपा के उलट शिवसेना हमेशा से ‘भगवा और हिंदुत्व’ को लेकर प्रतिबद्ध रही है जबकि उसके (भाजपा) भारतीय जनसंघ और जन संघ जैसे अलग-अलग नाम है जो अलग विचारधारा प्रसारित करती है.
वह कोल्हापुर उत्तर सीट पर 12 अप्रैल को होने वाले उपचुनाव में महा विकास अघाडी (एमवीए) प्रत्याशी जयश्री जाधव के प्रचार अभियान में डिजिटल माध्यम से शामिल हुए. उन्होंने वर्ष 2019 में विधानसभा चुनाव के दौरान कोल्हापुर सीट पर शिवसेना प्रत्याशी को मिली हार के लिए रविवार को भाजपा को जिम्मेदार ठहराया. उस समय दोनों दलों का गठबंधन था.
ठाकरे ने आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि क्या भाजपा का कांग्रेस के साथ इस सीट पर वर्ष 2019 के चुनाव में गुप्त गठबंधन था. उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा के पास हिंदुत्व का पेटेंट नहीं है. मुझे आश्चर्य है कि अगर भगवान राम का जन्म नहीं हुआ होता तो भाजपा राजनीति में कौन सा मुद्दा उठाती. चूंकि भाजपा के पास मुद्दों की कमी है इसलिए वह धर्म और नफरत (फैलाने) पर बात कर रही है.’’
ठाकरे ने कहा कि उनके पिता बाल ठाकरे वह व्यक्ति थे जिन्होंने उन्हें (भाजपा को) दिखाया कि भगवा और हिंदुत्व उन्हें दिल्ली के रास्ते पर ले जा सकता है. कोल्हापुर उत्तर उपचुनाव पर बोलते हुए ठाकरे ने कहा, ‘‘वर्ष 2019 में वर्ष 2014 के मुकाबले (कोल्हापुर उत्तर सीट पर) कांग्रेस के मत बढ़ गए जिसका नतीजा हुआ कि शिवसेना प्रत्याशी की भाजपा के साथ गठबंधन के बावजूद हार हुई.’’ उन्होंने सवाल किया, ‘‘भाजपा के मत वर्ष 2019 में कहां गए? क्या उस समय आपने कांग्रेस के साथ गुप्त गठबंधन किया था?’’
उन्होंने कहा कि अगर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) दावा करती है कि वह बाल ठाकरे का सम्मान करती है तो फिर वह क्यों नवी मुंबई में बन रहे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नाम दिवंगत शिवसेना संस्थापक के नाम पर करने के प्रस्ताव का विरोध कर रही है.