मुंबई, जुलाई २०२२ खत्म हो चुकी है और अगस्त का नया महीना शुरू हो चुका है। अगस्त महीने की इस आक्रांति यानी उथल-पुथल के साथ ही आम जनता पर महंगाई का और भी बोझ बढ़ जाएगा। वो कैसे चलिए आपको बताते हैं। दरअसल जिन्होंने अपना इनकम टैक्स रिटर्न जुलाई में फाइल नहीं किया है अब अगस्त महीने से आयकर रिटर्न पर जुर्माना लगना शुरू हो गया है। इसी के साथ ही महंगाई की दूसरी मार डोर स्टेप बैंकिंग शुल्क देकर झेलनी पड़ेगी। इतना ही नहीं महंगाई की तीसरी मार कर्ज पर बढ़ी ब्याज दर को लेकर है। निजी बैंकों ने होम लोन की ब्याज दरों को जो बढ़ा दिया है। रही बात किचन की तो सरकार ने कॉमर्शियल सििंलडर के दाम भले ही कम कर व्यापारी वर्ग को राहत दी है लेकिन देश के आम नागरिक पर अभी भी घरेलू गैस और सब्जी पर महंगाई की तलवार लटक रही है। अगस्त से हुए कई बदलाव लागू हो होने से आम जनता की आर्थिक जिंदगी पर असर डालेंगे। जानकारी के मुताबिक अगस्त महीने से अब आयकर रिटर्न भरने पर जुर्माना देना होगा। वित्त वर्ष २०२१-२०२२ और असेसमेंट ईयर २०२२-२०२३ का आईटीआर फाइल करने की आखिरी तारीख ३१ जुलाई थी और अब अगस्त महीने से इसकी फाइलिंग करनेवालों को जुर्माना देना पड़ेगा। जिनकी सालाना इनकम ५ लाख रुपए से ज्यादा है उनको ५,००० रुपए की पेनल्टी के साथ ३१ दिसंबर २०२२ से पहले आईटीआर फाइल करना होगा। वहीं ५ लाख रुपए से कम आयवाले लोगों को १,००० पेनल्टी के साथ इनकम टैक्स रिटर्न अब दाखिल करना होगा। वहीं अगस्त से इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक की डोरस्टेप बैंकिंग पर शुल्क लगना शुरू हो गया है। १ अगस्त २०२२ से डाक विभाग का इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक घर पर बैंकिंग सुविधाओं के लिए शुल्क वसूलेगा। आईपीपीबी विभिन्न प्रकार की सेवाओं के लिए प्रति सेवा २० रुपए के साथ जीएसटी भी अलग से वसूला करेगा। इसी तरह कुछ निजी बैंकों ने ब्याज दरों में ०.२५ फीसदी का इजाफा कर दिया है और नई दरें १ अगस्त से लागू हो गई हैं। इसका असर नए और पुराने दोनों ही ग्राहकों पर पड़ेगा। एक निजी बैंक ने हाउसिंग लोन पर अपनी रिटेल प्राइम लेंडिंग रेट्स में इजाफा कर दिया है। ये वो दर होती है जिस पर एडजस्टेबल रेट होम लोन बेंचमार्क होता है। इससे पहले कंपनी ने ९ जून को भी आरपीएलआर में ५० बेसिस प्वाइंट का इजाफा किया था। जहां तक बात गैस की है तो एलपीजी की कीमत में कटौती हो गई है और इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन ने १९ किलोग्राम वाले कॉमर्शियल एलपीजी सििंलडर के दाम में ३६ रुपए की कटौती की है। जिससे व्यापारी वर्ग को तो राहत मिल गई है परंतु घरेलू गैस और सब्जी के दाम जस के तस हैं। आए दिन सब्जियों पर महंगाई की तलवार लटक रही है, ऐसे में आम जनता करे तो क्या करे। इस पर सरकार का ध्यान केंद्रित नहीं हो रहा है।





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