मुंबई, महाराष्ट्र महिला आयोग ने तात्रिकों के कहने पर महिलाओं के शोषण के तीन अलग-अलग मामलों में ढोंगी तांत्रिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश मुंबई पुलिस को दिया है। बीते सप्ताह पुणे की एक संतानहीन महिला को उसके कारोबारी पति और ससुरालीजनों ने नग्न होकर सबके सामने नहाने पर मजबूर किया। पति एवं ससुरालीजनों से तांत्रिक ने कहा था कि ऐसा करने से महिला को बेटा पैदा होगा। पीड़ित महिला ने पति, सास-ससुर और तांत्रिक के खिलाफ २१ अगस्त को केस दर्ज करवाया था। इस मामले में पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
इसी तरह से सातारा में एक सनसनीखेज घटना का खुलासा हुआ। यहां बीमारी दूर करने का झांसा देकर एक तांत्रिक किशोरी को कमरे में ले गया और अकेले में नींबू से तंत्र क्रिया के बहाने किशोरी को जबरन अपनी हवस का शिकार बना डाला। पुणे शहर में ही एक अन्य घटना में एक आईटी प्रोफेसर ने अपनी अध्यापिका पत्नी एवं अन्य ससुरालीजनों पर काला जादू करने का आरोप लगाया है। पति का आरोप है कि पत्नी और उसके परिजन दो तांत्रिकों की मदद से उसे वश में करने का प्रयास कर रहे हैं। ३७ वर्षीय आईटी प्रोफेसर ने इस मामले में इसी साल मार्च महीने में पुणे की एक स्थानीय अदालत में याचिका दायर की है, जिसे गंभीरता से लेते हुए न्यायालय ने सीआरपीसी की धारा २०० के अंतर्गत जांच करने का आदेश पुलिस को दिया है।
संभाजीनगर के फुलउंबरी इलाके से एक ६ वर्षीय बच्चा लापता हो गया था। बच्चे को एक ढोंगी बाबा ने अगवा किया था। सिद्धियों की प्राप्ति के लिए वह अमावस्या के दिन बच्चे की बलि देना चाहता था। बच्चे को लेकर वह हिंगोली जिले के औंढा नागनाथ स्थित श्रीकृपा मंगल कार्यालय एवं लॉज में रह रहा था। लॉज के मालिक को ‘महाराज’ की गतिविधियां संदिग्ध लगी। इसलिए मालिक ने पुलिस को इसकी सूचना दे दी। पुलिस ने ‘महाराज’ से सख्ती से पूछताछ की तो उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया।
इसी तरह गुप्त धन की लालच में एक साढ़े तीन साल की मासूम बच्ची की बलि दिए जाने का प्रयास करने के आरोप में पिंपरी-चिंचवड पुलिस ने एक दंपति और तांत्रिक सहित तीन लोगों को बीते जुलाई महीने में गिरफ्तार किया था। बताया जा रहा है कि पुणे के जुन्नर में रहनेवाली महिला और उसके पति गुप्त धन पाने को लालायित थे। तांत्रिक के कहने पर दंपति ने तीन साल की मासूम को अगवा कर लिया था। इस आपराधिक कृत्य में आरोपी महिला ने अपनी बहन और १२ साल के बेटे की मदद ली थी। आरोपी महिला की बहन के पड़ोस में एक दंपति महज तीन महीने से रह रहे थे। उनकी साढ़े तीन साल की बेटी को अगवा करने के लिए आरोपी महिला ने अपने बेटे को बहन के घर भेजा। माता-पिता द्वारा पढ़ाई गई पट्टी के अनुसार साढ़े तीन साल की पीड़ित बच्ची को आरोपी महिला का बेटा चॉकलेट का लालच देकर अपने साथ घर से दूर ले गया और वहां पहले से मौजूद आरोपी दंपति ने उक्त बच्ची को अगवा कर लिया। आरोपियों ने अगली अमावस्या (२८ जुलाई) को बच्ची की बलि देने की योजना बनाई थी लेकिन उससे पहले बच्ची के मां-बाप की शिकायत पर सीसीटीवी फुटेजों को खंगाल रही पुलिस ने १० घंटे से भी कम समय में आरोपियों को ढूंढ़ निकाला और बच्ची को बचा लिया।





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