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मेट्रो ९ को ठाणे जिले के डोंगरी में अपने नए रखरखाव डिपो तक विस्तारित करने का प्लान

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ठाणे, मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट ऑथॉरिटी (एमएमआरडीए) ने मुंबई मेट्रो की ११.३८ किमी लंबी लाइन-९ को ठाणे जिले के डोंगरी में अपने नए रखरखाव डिपो तक विस्तारित करने का प्लान बनाया है। मेट्रो लाइन ९ करीब ३.७ किलोमीटर बढ़ाई जाएगी। मुंबई मेट्रो लाइन-२बी भी विस्तार हुआ है। ४.९ किमी लंबे इस प्रस्तावित विस्तार में उत्तन रोड पर मुर्धा और मोर्वा में नए एलिवेटेड स्टेशन होंगे। इसके अलावा डोंगरी, मीरा-भायंदर, दहिसर-पूर्व, गुंदवली और सीएसआईए टर्मिनल २ को जोड़नेवाली पूरी रेडलाइन की बीईएमएल ट्रेनों को खड़ा करने और मेंटीनेंस के लिए डोंगरी डिपो बनाया जाएगा। डोंगरी डिपो एक पहाड़ी पर स्थित ४१.३६ हेक्टेयर भूमि पर बनाने का प्रस्ताव है ।
एमएमआरडीए द्वारा उक्त स्थान का कब्जा लेने के बाद वहां मेट्रो कारशेड आरक्षण और अन्य परिवर्तन करने का प्रस्ताव नगर विकास विभाग के पास जमा किया गया है, लेकिन सरकार ने अभी तक इस पर कोई ठोस निर्णय नहीं दिया है, जिससे भूमिपुत्र सामाजिक समन्वय संस्था की मांग है कि उक्त सरकारी प्लाट पर कार शेड का आरक्षण निश्चित कर मुर्धा, मोर्वा की कृषि भूमि पर लगाए गए मेट्रो कारशेड आरक्षण को रद्द किए जाने की अधिसूचना जारी कर एक अध्यादेश (जी आर) प्रकाशित किया जाए, वरना उनके द्वारा आंदोलन किया जाएगा।
एमएमआरडीए ने मेट्रो लाइन-९ के ट्रैक के काम के लिए ‘राही टेक’ को सबसे कम बोली लगाने वाली कंपनी के रूप में घोषित किया था। लाइन का एलिवेटेड खंड वर्तमान में जे कुमार इंप्रâा प्रोजेक्ट द्वारा बनाया जा रहा है, जहां कुछ डबल डेकर मेट्रो का नियोजन किया गया है। मेट्रो लाइन-९, लाइन-७ का विस्तार है, जो १३.५८१ किमी लंबी है, जिसमें दस स्टेशन हैं। यह मौजूदा वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे, वेस्टर्न रेलवे और मेट्रो लाइन २ए और ७ के बीच कनेक्टिविटी को बढ़ावा देगा।
कारशेड की भूमि को लेकर बीते कई वर्षों से स्थानीय लोगों द्वारा विरोध किया जा रहा था। इसलिए राज्य सरकार ने भूमिपुत्र सामाजिक समन्वय संस्था द्वारा सुझाए गए वैकल्पिक स्थानों में से डोंगरी (उत्तन) में सरकारी जमीन पर स्थानांतरित करने का निर्णय लिया। उक्त स्थान का सर्वे, सीमांकन भी कराया गया, जिसके बाद ४१.३६ हेक्टेयर सरकारी जमीन एमएमआरडीए प्राधिकरण को नि:शुल्क सौंप दी गई थी। लेकिन उसी जमीन पर लोगों का अतिक्रमण है। अतिक्रमण हटाने के लिए ‘मुआवजे का मुद्दा’ विवाद बना हुआ है।