Home Maharashtra युवाओं की नाराजगी की वजह से ठेका भर्ती का जीआर रद्द: पटोले

युवाओं की नाराजगी की वजह से ठेका भर्ती का जीआर रद्द: पटोले

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मुंबई। ठेका भर्ती का जीआर रद्द करने के सरकार के फैसले पर टिप्पणी करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले ने कहा कि महायुति सरकार में पुलिस समेत अहम विभागों में संविदा यानी कॉन्ट्रैक्ट पर भर्ती के खिलाफ कांग्रेस पार्टी लगातार आवाज उठा रही है। इस फैसले से सरकारी नौकरी का इंतजार कर रहे युवाओं में काफी गुस्सा था । कांग्रेस पार्टी युवाओं के साथ मजबूती से खड़ा रहते हुए भाजपा सरकार को बेनकाब करने का काम किया। भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार को यह एहसास हो गया कि युवाओं की नाराजगी की वजह से चुनाव में उन्हें भारी हार का सामना करना पड़ सकता है। यही वजह है कि अब शर्मिंदगी का एहसास होने के बाद बीजेपी सरकार को संविदा भर्ती के जीआर को रद्द करने का फैसला करना पड़ा है। लेकिन ऐसा करते हुए भी देवेन्द्र फड़णवीस ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री अजीत पवार को ही बेनकाब कर दिया, क्योंकि ये दोना नेता आघाडी सरकार में काम कर चुके हैं। पटोले ने इस संबंध में भाजपा सरकार और देवेन्द्र फडणवीस पर निशाना साधते हुए कहा कि उपमुख्यमंत्री कह रहे हैं कि अनुबंध के आधार पर कर्मचारियों की भर्ती का फैसला तत्कालीन मुख्यमंत्री सुशील कुमार शिंदे, अशोक चव्हाण और पृथ्वीराज चव्हाण ने लिया था। जब कांग्रेस सरकार सत्ता में थी, तो यह यह भर्ती सरकार द्वारा की जा रही थी और बाद में इन कर्मचारियों की सेवा को बरकरार रखा गया। हालांकि वर्तमान सरकार में नौकरी भर्ती एक निजी कंपनी द्वारा की जा रही है । सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि 2014 से 2019 तक देवेन्द्र फडणवीस मुख्यमंत्री थे, तो उन्होंने उसी समय कांग्रेस सरकार की संविदा भर्ती जीआर को रद्द क्यों नहीं किया? अब भी शिंदे सरकार आए हुए डेढ़ साल हो गया है, इस डेढ़ साल में यह जीआर रद्द क्यों नहीं किया गया? शिंदे सरकार के सत्ता में आते ही महाविकास आघाडी सरकार के विकास कार्यों को तुरंत निलंबित कर दिया गया। अनुबंध भर्ती जीआर को रद्द करने में इस महायुति सरकार को इतना समय क्यों लग गया? इसका जवाब देवेंद्र फडणवीस को देना चाहिए, लेकिन उनकी हालत ‘गिरे तो भी टांग ऊपर’ वाली हो गई है। मैं कभी सच नहीं बोलता और झूठ नहीं बोल सकता। ऐसी हालत उपमुख्यमंत्री की हो गई है।