रायगढ़, महाड एमआईडीसी में दवा निर्माता कंपनी ब्लू जेट हेल्थकेयर में भीषण हादसा हुआ। कंपनी में आग और सिलसिलेवार विस्फोटों से पूरा इलाका दहल गया। घटनास्थल से शनिवार शाम तक आठ शव निकाले गए। हादसे के समय कंपनी की केमिकल यूनिट में 57 कर्मचारी थे। जानकारी के मुताबिक, दवा कंपनी में पहला धमाका शुक्रवार सुबह 10:30 बजे हुआ, उसके बाद आठ से दस बड़े धमाके हुए। इससे लगी भीषण आग में 11 मजदूर फंस गए। पुणे से आई एनडीआरएफ की टीम ने शनिवार शाम तक आठ के शव बरामद किए। जबकि अन्य मजदूरों की तलाश जारी है। अधिकारियों ने बताया कि सभी आठ शव बुरी तरह से जल चुके हैं। परिजन भी पहचान नहीं कर पा रहे है। इसलिए मृतक की पहचान के लिए परिजनों के डीएनए सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं। मृतकों की पहचान डीएनए रिपोर्ट से की जाएगी।
हादसे में लापता होने वालों में संजय पवार, जीवनकुमार चौबे, आदित्य मोरे, असलम शेख, अभिमन्यू दुराव, शेषराव भुसारे, अक्षय सुतार, मीनाथ वायदंडे, विशाल कोली, सतीश सालुंखे, बिकास महंतू शामिल हैं। प्रशासन ने बताया कि सात लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं और उनकी हालत स्थिर है। घायलों का महाड एमआईडीसी अस्पताल में इलाज चल रहा है। हादसे इतना भीषण था कि कंपनी की तीन मंजिला इमारत के दो स्लैब ढह गए। इमारत में बड़ी मात्रा में ज्वलनशील रसायनों के ड्रम रखे हैं। इसलिए बचाव कार्य में खतरा बना हुआ है। लेकिन एनडीआरएफ की टीम रेस्क्यू अभियान में जुटी हुई हैं। प्रत्येक पीड़ित के परिवार को फार्मा फर्म और बीमा कंपनियों से लगभग 40 लाख रुपये का मुआवजा और मुख्यमंत्री राहत कोष (सीएमआरएफ) से 5 लाख रुपये की अनुग्रह राशि मिलने की खबर है। शॉर्ट-सर्किट को हादसे का मुख्य कारण माना जा रहा है।





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