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निवेश घोटाले के मास्टरमाइंड समीर जोशी की महाराष्ट्र और गोवा स्थित संपत्ति जब्त

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मुंबई। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने करोड़ों के निवेश घोटाले के आरोपी समीर जोशी की कंपनी के महाराष्ट्र और गोवा स्थित ठिकानों पर छापा मारा है। समीर जोशी की कंपनी का नाम श्रीसूर्या मल्टी लेवल मार्केटिंग है। बता दें, समीर जोशी पर पांच हजार से अधिक निवेशकों से करोड़ों रुपये ठगने का आरोप है।
38.22 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त
ईडी ने श्रीसूर्या मल्टी लेवल मार्केटिंग कंपनी की महाराष्ट्र और गोवा स्थित संपत्तियों को जब्त किया है। नागपुर, अकोला, मडगांव और अमरावती से कंपनी की चल और अचल संपत्तियों को जब्त किया है। इनकी कुल कीमत 38.33 करोड़ रुपये आंकी गई है। ईडी ने यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 (पीएमएलए, 2022) के तहत की है।
समीर जोशी पर क्या है आरोप?
ईडी ने बताया कि इन चल और अचल संपत्तियों पर समीर जोशी, उनकी कंपनियों और उनके सहयोगियों ने कब्जा किया हुआ था। बता दें कि समीर जोशी पर निवेशकों से 200 करोड़ से अधिक रुपये ठगने का आरोप है। बताया गया है कि समीर जोशी ने पांच हजार से अधिक निवेशकों को पैसा दोगुना करने का लालच देकर 200 करोड़ से ज्यादा रुपये ठगे।
विधानसभा चुनाव में असली परीक्षा
एकनाथ शिंदे पिछले दो साल में महाराष्ट्र की राजनीति में ध्रुव तारे की तरह उभरे हैं. मराठा प्रदेश की तमाम सियासी चालें उनको ही केंद्र में रखकर चलीं जा रही हैं. शिवसेना में बगावत करने के बाद, मुख्यमंत्री बनने से लेकर लोकसभा चुनाव के परिणाम तक राजनीतिक विश्लेषक बार-बार उनके सियासी कद को मापते रहे हैं. आम चुनाव के नतीजों के बाद एक बार फिर से ये चर्चा तेज हो चली है कि एकनाथ शिंदे का असली शिवसेना का दावा कितना सही रहा?
शिवसेना में फूट के बाद महाराष्ट्र में लोकसभा चुनाव उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे दोनों की गुटों के लिए साख की लड़ाई थी. देशभर में शिवसेना से जुड़ी खबरें सुर्खियां बटोरती थी.
दो साल पहले पार्टी में बगावत होने के बाद ये पहला ऐसा मौका था, जब एकनाथ शिंदे और उद्धव ठाकरे के गुट चुनाव में भिड़ रहे थे. लोकसभा चुनाव के नतीजों से कई सवालों के जवाब मिले हैं. लेकिन अब भी एक बड़ा सवाल बरकरार है कि असली शिवसेना किसकी है? उद्धव ठाकरे की या एकनाथ शिंदे की? इसकी असली परीक्षा विधानसभा चुनाव में होगी.