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किसान ऋण पर मनोज जरांगे ने महाराष्ट्र सरकार को चेताया

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मुंबई : मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने महाराष्ट्र सरकार को 30 सितंबर तक किसानों का कर्ज माफ करने का अल्टीमेटम दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि अन्यथा चुनाव में परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहें।
जरांगे ने कहा, किसानों का कर्ज माफ करो या चुनाव में परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहो जालना, एजेंसी। मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने महाराष्ट्र की महायुति सरकार को अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि वह 30 सितंबर तक किसानों का कर्ज माफ करे। साथ ही किसानों की अन्य समस्याओं का समाधान करे। अन्यथा आगामी विधानसभा चुनाव में परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहे।मराठा आरक्षण के समर्थन में कई बार अनशन कर चुके जालना जिले के अंतरवाली सरती गांव में सोमवार को जरांगे मीडिया से मुखातिब हुए। उन्होंने हाल ही में प्राकृतिक आपदाओं से नष्ट हुई फसलों के लिए मुआवजा जारी करने के संबंध में शिवसेना-भाजपा-राकांपा सरकार के ‘खोखले वादों की आलोचना की।उन्होंने चेतावनी दी, ‘सरकार को 30 सितंबर तक कार्रवाई करनी चाहिए, अन्यथा किसानों के गुस्से का सामना करना पड़ेगा। 42 वर्षीय कार्यकर्ता ने राज्य में किसानों के सामने आने वाली अन्य समस्याओं के त्वरित समाधान और कृषि ऋण माफी की मांग की।जरांगे ने किसानों से आग्रह किया कि वे नवंबर में होने वाले संभावित विधानसभा चुनावों का उपयोग ‘सत्तारूढ़ गठबंधन को उसकी किसान विरोधी नीति के लिए सबक सिखाने के अवसर के रूप में करें। सत्तारूढ़ गठबंधन में भाजपा, शिवसेना और एनसीपी शामिल हैं।किसानों के लिए एक और आंदोलन शुरू करने की संभावना के बारे में पूछे जाने पर जरांगे ने कहा कि आगे और विरोध प्रदर्शन की कोई आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा, ‘किसानों को अपने वोट के माध्यम से अपना असंतोष व्यक्त करना चाहिए। जरांगे ने उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की आलोचना करने में कोई कसर नहीं छोड़ी और उन पर मराठा समुदाय को ओबीसी श्रेणी के तहत आरक्षण देने में विफल रहने का आरोप लगाया।उन्होंने खुलासा किया कि फडणवीस का विरोध करने से उन्हें रोकने के प्रयास में कई बिचौलियों ने उनसे संपर्क किया था। जरांगे ने खुलासा किया, ‘कई लोगों ने मुझे सरकार का विरोध करने से रोकने और फडणवीस के आधिकारिक निवास सागर बंगले में जाने के लिए कहा।